Wednesday, February 11

शेयर बाजार में भूचाल लाने वाले टैक्स बढ़ाने का खुलासा: निर्मला सीतारमण ने बताया मकसद

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के बजट में फ्यूचर और ऑप्शन पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने की घोषणा की थी। इसके बाद शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया और सेंसेक्स एक समय 3,000 अंक तक गिर गया। अब वित्त मंत्री ने इसके पीछे का उद्देश्य साफ कर दिया है।

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सीतारमण ने बताया कि STT बढ़ाने का कदम राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि छोटे निवेशकों को वायदा एवं विकल्प (F&O) बाजार में होने वाले भारी नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि एक अध्ययन के अनुसार F&O कारोबार करने वाले निवेशकों में 90 प्रतिशत से अधिक लोग घाटे में जाते हैं।

क्या हैं नए नियम:

  • वित्त वर्ष 2026-27 में वायदा अनुबंधों पर STT बढ़ाकर 0.02% से 0.05% किया जाएगा।

  • विकल्प प्रीमियम और विकल्प के प्रयोग पर STT बढ़ाकर क्रमश: 0.1% और 0.125% से 0.15% किया जाएगा।

  • यह बढ़ोतरी एक पाबंदी और निवारक के रूप में काम करेगी, ताकि निवेशक सट्टेबाजी और उच्च जोखिम वाले कारोबार से बचें।

छोटे निवेशकों की सुरक्षा:
सीतारमण ने कहा कि वित्त मंत्रालय को निवेशकों के कई फोन आए, जिनमें उन्होंने हस्तक्षेप की मांग की थी ताकि F&O खंड में नुकसान कम किया जा सके। इस कदम से बाजार में स्थिरता आएगी और व्यक्तिगत निवेशकों की सुरक्षा बढ़ेगी।

अमेरिका से भी आया शुभ संकेत:
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि अमेरिका ने भारत से आयातित वस्तुओं पर शुल्क घटाकर 18% करने का निर्णय लिया है। इससे भारतीय निर्यात को लाभ मिलेगा और द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत भारत-अमेरिका व्यापार में गति आएगी।

निष्कर्ष:
STT बढ़ोतरी से शेयर बाजार में शुरुआती उतार-चढ़ाव आया, लेकिन इसका उद्देश्य निवेशकों की सुरक्षा और बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करना है। सीतारमण ने स्पष्ट किया कि सरकार के कदम हमेशा आम जनता और निवेशकों के हित को ध्यान में रखकर उठाए जाते हैं।

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