Tuesday, February 3

100 करोड़ में बना ‘मौत का पुल’? मीरा-भाईंदर फ्लाइओवर का डिजाइन विवादों में

मुंबई: मीरा रोड में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बने मीरा-भाईंदर फ्लाइओवर का डिजाइन विवाद का विषय बन गया है। चार लेन से अचानक दो लेन में बदलने वाले इस पुल को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक शिकायत पहुंची है।

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जनता और विपक्ष की चिंता:
उद्धव गुट के नेता आनंद दुबे ने इस पुल को “मौत का ब्रिज” कहा है और सीएम तथा उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अधिकारियों, ठेकेदार और कंसल्टिंग कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि अचानक संकरे होने वाले फ्लाइओवर से आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने सभी संबंधित परियोजनाओं की निष्पक्ष जांच और संभावित लापरवाही करने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की भी मांग की।

एमएमआरडीए का दावा:
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने कहा है कि चार लेन से दो लेन में परिवर्तन कोई डिजाइन की गलती नहीं है। यह सड़कों की उपलब्ध चौड़ाई और भविष्य की यातायात योजना के अनुसार किया गया है। एमएमआरडीए के अनुसार, फ्लाइओवर भायंदर ईस्ट की दिशा में फिलहाल दो लेन में परिवर्तित होता है, जबकि भविष्य में भायंदर वेस्ट की ओर अतिरिक्त दो लेन जोड़े जाएंगे। दोनों कैरिजवे के बाहरी तरफ 1+1 लेन जोड़ने की योजना अभी प्लानिंग स्टेज में है।

सामाजिक मीडिया पर बहस और मीम्स:
सोशल मीडिया पर इस फ्लाइओवर को लेकर बहस छिड़ गई है। लोग इसे “सौ करोड़ रुपये में मौत का पुल” कह रहे हैं और पुल बनाने वाले इंजीनियरों को लेकर तंज कर रहे हैं। कई ने इसे इंजीनियरिंग चमत्कार कहा तो कुछ ने इसका मजाक उड़ाया।

सवाल डिजाइन पर:
फोर लेन का पुल अचानक दो लेन में बदलता है, जिससे तेज गति से चलने वाले वाहनों के लिए यातायात में बाधा आ सकती है। यह पुल मेट्रो लाइन 9 परियोजना का हिस्सा है और उद्देश्य यातायात सुचारू करना था, लेकिन फिलहाल यह डिजाइन विवाद और ऑनलाइन चर्चा का केंद्र बन गया है।

एमएमआरडीए ने आश्वस्त किया है कि भविष्य में फ्लाइओवर को चौड़ा करने की पूरी योजना है और इससे पूर्व-पश्चिम यातायात सुचारू रूप से चलेगा।

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