
वॉशिंगटन/दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को घटाकर 18% करने की घोषणा की है। इसके बाद भारत और अमेरिका के बीच पिछले एक साल से चल रहा गतिरोध भी खत्म होता दिख रहा है। ट्रंप ने कहा कि भारत रूस से तेल नहीं लेगा, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी कदम का स्वागत करते हुए अपने ट्वीट में कहा, “भारत की 1.4 अरब जनता की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को हार्दिक धन्यवाद। अब मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा।”
क्वॉड को लेकर बड़ा ऐलान
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि चीन की दादागिरी रोकने के लिए बनाया गया क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) कहीं नहीं जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि क्वाड को और मजबूत किया जाएगा और इसके लिए कई योजनाएं तैयार हैं। भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई ट्रेड डील के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही भारत में क्वाड की शिखर बैठक भी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका ने अपने राष्ट्रीय रक्षा रणनीति (NDS) में चीन को प्रमुख चिंता के रूप में तो रखा है, लेकिन हिंद प्रशांत क्षेत्र में अपने पार्टनर देशों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया है। इसका मतलब है कि अब अमेरिका सुरक्षा का भार अकेले नहीं उठाएगा, बल्कि क्वाड देशों के माध्यम से क्षेत्रीय संतुलन बनाएगा।
भारत-अमेरिका रिश्तों में फिर गर्माहट
ट्रंप और मोदी के बीच दोस्ताना संबंध फिर एक बार मजबूत हुए हैं। मोदी ने कहा कि जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे दोनों देशों और उनके नागरिकों को अपार लाभ मिलता है। ट्रंप के इस कदम से न केवल भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि चीन पर भी दबाव बढ़ेगा।