
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने मंडावली इलाके में अवैध रूप से लगने वाली रेहड़ी-पटरी और अतिक्रमण के खिलाफ एमसीडी और अन्य अधिकारियों को कड़ा आदेश दिया है। जस्टिस अमित बंसल ने अधिकारियों से चार हफ्तों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
याचिका दाखिल करने वाले एडवोकेट जय चौधरी ने कोर्ट को बताया कि श्री राम चौक, मंडावली, ईस्ट दिल्ली में मेन्स सड़क पर लगातार अतिक्रमण और अनधिकृत पार्किंग हो रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते सड़क पर दिनभर जाम की स्थिति रहती है और इमरजेंसी वाली गाड़ियों का आवागमन बाधित होता है।
याचिका में एमसीडी के अलावा, प्रीत विहार के एसडीएम, डीडीए की स्पेशल टास्क फोर्स और दिल्ली सरकार के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट को भी प्रतिवादी बनाया गया है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि मंडावली इलाके की यह मुख्य सड़क गांव और शहर के मेन रास्तों को जोड़ती है। यह सड़क स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी नागरिकों के रोजमर्रा के आवागमन के लिए अत्यंत जरूरी है। अवैध अतिक्रमण और रेहड़ी-पटरी के कारण स्थानीय लोगों का जीवन कठिन हो गया है।
हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि एमसीडी तुरंत कार्रवाई करें और अवैध अतिक्रमण हटाकर सड़क को सामान्य उपयोग के लिए खुला रखें।