Sunday, April 26

केंद्रीय बजट 2026 ‘विकसित भारत’ के संकल्प को देगा मजबूती: सम्राट चौधरी

पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने की दिशा में मजबूत आधार रखने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर आधारित है और देश की समृद्धि की यात्रा में जनभागीदारी को और सशक्त करेगा।

This slideshow requires JavaScript.

उपमुख्यमंत्री ने रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह लगातार नौवां बजट है, जो दीर्घकालिक सोच और समावेशी विकास का स्पष्ट रोडमैप पेश करता है। उन्होंने कहा कि बजट में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और परिवहन से जुड़े प्रस्तावों से बिहार को विशेष लाभ मिलेगा।

सम्राट चौधरी ने बताया कि वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित उच्च-गति रेल कॉरिडोर बिहार से होकर गुजरेगा, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। इसके अलावा वाराणसी–पटना अंतर्देशीय जलमार्ग के विकास तथा उसके रखरखाव के लिए फैक्टरी की स्थापना का प्रस्ताव भी बिहार के लिए अहम है, जिसके लिए भूमि पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि बजट में सभी जिला मुख्यालय अस्पतालों में मेडिकल ट्रॉमा सेंटर और आईसीयू की स्थापना का प्रावधान किया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी। साथ ही राज्य में तीन नए आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

विपक्ष ने उठाए सवाल

जहां सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने बजट की सराहना की है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे लेकर कड़ी आलोचना भी की है। पूर्व मंत्री एवं झंझारपुर से विधायक नीतीश मिश्रा ने बजट को विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने वाला दूरदर्शी रोडमैप बताया।

दूसरी ओर, कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि बजट में चर्चा के लायक कम और चिंता के लायक अधिक बातें हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई पुरानी योजनाओं को नए नाम और दावों के साथ दोहराया गया है। उन्होंने कहा कि छात्र, युवा, मजदूर और गरीब वर्ग के लिए कोई ठोस बजटरी प्रावधान नजर नहीं आता।

शकील अहमद खान ने यह भी कहा कि मिडिल और लोअर मिडिल क्लास की आय बढ़ाने को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है। डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती स्थिति पर भी बजट में कोई ठोस रणनीति दिखाई नहीं देती। बिहार के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस योजना पेश नहीं की गई है।

 

Leave a Reply