
भारतीय नौसेना को जल्द ही देश की पहली ‘मेड इन इंडिया’ अनमैन्ड इंटरसेप्टर क्राफ्ट (FICs) मिलने वाली है। पुणे की डिफेंस फर्म सागर डिफेंस इंजीनियरिंग ने इन क्राफ्ट्स को डिज़ाइन, डेवलप और मैन्युफैक्चर किया है। यह ऑटोमेटिक हथियारबंद फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट भारतीय तटों और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ताकत और क्षमता में बढ़ोतरी
इन अनमैन्ड फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट्स की एंट्री से नौसेना की सैन्य ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। अब भारत उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जिनके पास हथियार ले जाने वाले वेसल स्वार्म बनाने की क्षमता है।
खासियतें
iDEX–DIO फ्रेमवर्क के तहत तैयार, यह आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है।
जरूरत पड़ने पर 14 से अधिक कर्मियों को ले जाने में सक्षम।
ऑपरेशनल रेंज लगभग 400 नॉटिकल मील (लगभग 800 किमी)।
तटीय इलाकों में तेजी से पहुंचने और ऑपरेशन करने में सक्षम।
अलग-अलग हथियार लगाने की सुविधा, जिससे हाई-इंटेंसिटी कॉम्बैट में तुरंत कार्रवाई संभव।
भारतीय नौसेना के लिए गेम चेंजर
पहले नौसेना को इजरायल से आयातित अनमैन्ड सरफेस वेसल्स पर निर्भर रहना पड़ता था, जो मुख्यतः माइन काउंटर-मेजर के लिए ही काम कर रही थीं। अब देश की पहली मेड इन इंडिया क्राफ्ट्स के आने से नौसेना पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित ऑपरेशन कर सकेगी और दुनिया के विशेष क्लब में भी शामिल हो जाएगी।
आगे की राह
सूत्रों के मुताबिक, पहला बैच शुक्रवार को पश्चिमी तट पर तैनाती के लिए भेजा गया। भारतीय नौसेना इन क्राफ्ट्स का इस्तेमाल समुद्री गश्त, विशेष मिशन और तुरंत कार्रवाई वाले ऑपरेशनों में करेगी।