
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से शुक्रवार को टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत–वेनेजुएला के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत व व्यापक बनाने पर सहमति व्यक्त की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका की ओर से वेनेजुएला पर लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, कृषि तथा जनता के बीच आपसी संपर्क जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने ग्लोबल साउथ से जुड़े देशों के लिए आपसी सहयोग को और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और भविष्य में संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बातचीत की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत और वेनेजुएला अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंधों को और गहराई दी जाएगी।
अमेरिकी दबाव के बीच अहम मानी जा रही है बातचीत
राजनयिक हलकों में इस बातचीत को अमेरिकी दबाव के बीच भारत की स्वतंत्र विदेश नीति के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत को ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं और वेनेजुएला के साथ संबंध और प्रगाढ़ होंगे।
अमेरिका की नीतियों से दोनों देशों पर असर
गौरतलब है कि भारत और वेनेजुएला दोनों ही इन दिनों अमेरिका की नीतियों से प्रभावित हैं। रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, वहीं वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद वहां राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
डेल्सी रोड्रिगेज ने 5 जनवरी को वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली बातचीत है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।