
भारत में मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश का रुख करने वाले छात्रों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। रूस, यूक्रेन, पोलैंड, ईरान, चीन और फिलीपींस जैसी कई देशों में मेडिकल शिक्षा हासिल करना आसान और सस्ता है। लेकिन जो छात्र विदेश में मेडिकल कर भारत में प्रैक्टिस करना चाहते हैं, उनके लिए FMGE (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन) पास करना अनिवार्य है। आंकड़े बताते हैं कि इन छात्रों में से केवल एक चौथाई ही इस परीक्षा को पास कर पाते हैं।
FMGE क्या है?
FMGE, जिसे नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBEMS) आयोजित करता है, भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए जरूरी स्क्रीनिंग टेस्ट है। यह परीक्षा साल में दो बार—जून और दिसंबर में—कराई जाती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करके लौट रहे डॉक्टर भारत में प्रैक्टिस करने योग्य हैं या नहीं।
FMGE क्यों जरूरी है?
भारत में MBBS और BDS में प्रवेश के लिए NEET परीक्षा पास करनी होती है। लेकिन कई देशों में मेडिकल में प्रवेश के लिए NEET की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में कई छात्र विदेश में पढ़ाई करते हैं। अलग-अलग देशों में सिलेबस, नियम और क्लिनिकल एक्सपोजर भारत से भिन्न होते हैं। इसलिए FMGE छात्रों की योग्यता और क्लिनिकल समझ का आकलन करता है।
10 साल का डेटा:
एनबीईएमएस के आंकड़ों के अनुसार 2016 से 2025 तक FMGE पास प्रतिशत इस प्रकार रहा:
| साल | FMGE पास प्रतिशत |
| 2016 | 11.22% |
| 2017 | 7.41% |
| 2018 | 10.20% |
| 2019 | 20.70% |
| 2020 | 9.94% |
| 2021 | 24.54% |
| 2022 | 23.35% |
| 2023 (जून) | 10.20% |
| 2023 (दिसंबर) | 20.57% |
| 2024 (जून) | 20.89% |
| 2025 (जून) | 18.61% |
| 2025 (दिसंबर) | 23.9% |
विशेष रूप से 2014 में सबसे खराब परिणाम रहा, जब केवल 4.93% ही पास हुए थे।
क्यों फेल होते हैं विदेश में पढ़े डॉक्टर?
विशेषज्ञों के अनुसार, FMGE सिर्फ याददाश्त का परीक्षा नहीं है। यह परीक्षा यह जांचती है कि छात्रों की क्लिनिकल समझ कितनी मजबूत है और क्या वे रियल लाइफ मेडिकल परिस्थितियों में अपने ज्ञान को लागू कर सकते हैं। कई देशों में मेडिकल शिक्षा का करिकुलम और क्लिनिकल एक्सपोजर भारत की तुलना में कमजोर होने के कारण छात्रों का प्रदर्शन प्रभावित होता है।
ताज़ा आंकड़े:
दिसंबर 2025 की FMGE में 43,933 उम्मीदवार शामिल हुए, जिनमें से केवल 10,264 ही पास हुए। परीक्षा की कुल अंक संख्या 300 है, पास होने के लिए 150 अंक आवश्यक हैं। इच्छुक छात्र परीक्षा कितनी भी बार दे सकते हैं।
विदेश से मेडिकल करने वाले छात्रों के लिए FMGE एक कठिन लेकिन जरूरी चुनौती है। यह न केवल उनके ज्ञान का मूल्यांकन करता है बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि भारत में आने वाले डॉक्टर रोगियों को सुरक्षित और कुशल चिकित्सा सेवा प्रदान करने में सक्षम हों।