
श्योपुर।
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। कराहल थाना में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल विजय जादौन बुधवार रात से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है, जबकि उनकी बुलेट मोटरसाइकिल हाईवे किनारे जंगल में लावारिस हालत में बरामद हुई है।
घटना के 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
एसपी के निर्देश पर गठित की गई विशेष टीम
श्योपुर पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल के निर्देश पर हेड कॉन्स्टेबल की तलाश के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। पुलिस मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। इसके साथ ही श्योपुर–शिवपुरी रोड सहित आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
जंगल में चला सर्च ऑपरेशन
बाइक मिलने की सूचना के बाद कराहल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास के जंगल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन विजय जादौन का कोई पता नहीं चल सका। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच हर संभावित एंगल से की जा रही है।
मां ने थाना प्रभारी पर लगाए आरोप
लापता हेड कॉन्स्टेबल की मां राजेश्वरी जादौन, जो श्योपुर शहर में कोतवाली के पीछे निवास करती हैं, ने कराहल थाना प्रभारी टीआई यास्मीन खान और थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल महावीर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे को ड्यूटी के नाम पर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा था।
मां का आरोप है कि इसी दबाव और तनाव के चलते विजय जादौन यह कदम उठाने को मजबूर हुए। उन्होंने कहा कि उनका बेटा लंबे समय से मानसिक तनाव में था और अब वह सब कुछ सहन करने की स्थिति में नहीं रहा था।
टीआई की चुप्पी, जांच जारी
मां द्वारा लगाए गए आरोपों पर कराहल थाना प्रभारी टीआई यास्मीन खान ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।