
दिल्ली के सराफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया। चांदी पहली बार ₹4 लाख प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई, जबकि सोने ने भी अपना अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर की कमजोरी और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।
चांदी की उछाल:
अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, चांदी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी पर रही। गुरुवार को चांदी की कीमत ₹19,500 यानी करीब 5% बढ़कर ₹4,04,500 प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई। इससे एक दिन पहले बुधवार को चांदी ₹3,85,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
चार सत्रों में चांदी की कीमत इस प्रकार बढ़ी:
| दिन | बढ़ोतरी (₹) | बंद भाव (₹) |
| ——– | ———– | ———– |
| शुक्रवार | 9,500 | 3,29,500 |
| मंगलवार | 40,500 | 3,70,000 |
| बुधवार | 15,000 | 3,85,000 |
| गुरुवार | 19,500 | 4,04,500 |
| कुल | 84,500 | — |
सोना भी आसमान छूने लगा:
99.9% शुद्धता वाले सोने की कीमत में भी जबरदस्त उछाल देखा गया। गुरुवार को सोना ₹12,000 यानी करीब 7% बढ़कर ₹1,83,000 प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर पहुंच गया। इससे पहले सोने का भाव ₹1,71,000 प्रति 10 ग्राम था। विश्लेषकों के अनुसार, यह सोने की कीमत में अब तक की सबसे बड़ी छलांग है।
वैश्विक बाजार का असर:
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत में जोरदार बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक बाजार में सोना $177 की बढ़त के साथ $5,595 प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत $120 प्रति औंस के पार निकल गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
विशेषज्ञों की राय:
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर पर दबाव बना रहेगा, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ मजबूती बनी रह सकती है। निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की तलाश में लगातार इन कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं।
सराफा बाजार में यह तेजी केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक प्रवृत्ति का हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं, जो निवेशकों की सुरक्षा की भावना को दर्शाता है।