
भोपाल।
राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में महिला अटेंडर से चेन स्नैचिंग करने वाले आरोपी को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान सुनील मीणा के रूप में हुई है, जो राजस्थान का निवासी और एम्स भोपाल में नर्सिंग का तीसरे वर्ष का छात्र है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि कर्ज चुकाने और महंगी जीवनशैली बनाए रखने के लिए उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, यह घटना रविवार शाम एम्स भोपाल परिसर के भीतर लिफ्ट में हुई थी। महिला अटेंडर वर्षा सोनी लिफ्ट में सवार थीं, तभी आरोपी अचानक अंदर घुसा और उनके गले से मंगलसूत्र छीनकर मौके से फरार हो गया। पूरी घटना महज 54 सेकंड में अंजाम दी गई, जिससे पीड़िता कुछ समझ पाती, उससे पहले ही आरोपी वहां से निकल चुका था।
सीसीटीवी से खुली परतें
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और एम्स परिसर व आसपास के क्षेत्रों में लगे करीब 45 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। लिफ्ट के अंदर लगे कैमरे में आरोपी का चेहरा स्पष्ट रूप से कैद हो गया था। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया व व्हाट्सऐप ग्रुपों के माध्यम से साझा की।
लाहरपुर से गिरफ्तारी
लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने आरोपी सुनील मीणा को भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र अंतर्गत लाहरपुर इलाके से गिरफ्तार किया। वह मूल रूप से राजस्थान के बारां जिले का निवासी है। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस पूछताछ में सुनील मीणा ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग व ट्रेडिंग में उसे भारी नुकसान हुआ था। दोस्तों से लिया गया कर्ज चुकाने का दबाव लगातार बढ़ रहा था। इसके साथ ही वह अपनी महंगी जीवनशैली और गर्लफ्रेंड पर होने वाले खर्च को बनाए रखना चाहता था। इन्हीं कारणों से उसने चेन स्नैचिंग की योजना बनाई। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी महंगा मोबाइल फोन और कार खरीदने की इच्छा रखता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी किसी अन्य वारदात में शामिल तो नहीं रहा है।