
नई दिल्ली: भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह केवल राष्ट्रीय उत्सव नहीं है, बल्कि उस दिन की याद दिलाने वाला दिन है जब 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ और देश एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ। इस दिन राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है और देशभर में कई समारोह आयोजित किए जाते हैं।
पहली गणतंत्र दिवस परेड कहाँ हुई थी?
बहुत कम लोग जानते हैं कि 26 जनवरी 1950 की पहली गणतंत्र दिवस परेड राजपथ पर नहीं हुई थी। इसका आयोजन नई दिल्ली के इरविन स्टेडियम (अब नेशनल स्टेडियम) और इसके आसपास के मैदानों में किया गया था। 1955 में राजपथ (अब कर्तव्य पथ) को परेड के लिए स्थायी स्थल के रूप में चुना गया।
26 जनवरी पर होने वाली मुख्य गतिविधियां
- राष्ट्रपति नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।
- राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
- परेड में भारत की सेना, नौसेना और वायु सेना की ताकत का प्रदर्शन होता है, जिसमें हथियार, टैंक, मिसाइल और अन्य रक्षा उपकरण शामिल हैं।
- विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक झांकियां प्रदर्शित की जाती हैं।
- देशभर के स्कूल और कॉलेज देशभक्ति नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं।
- भारतीय वायु सेना द्वारा फ्लाईपास्ट किया जाता है।
- बहादुर सैनिकों, पुलिसकर्मियों और नागरिकों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है।
- गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में एक विदेशी अतिथि भी आमंत्रित किया जाता है।
- समारोह के अंत में राष्ट्रगान गाया जाता है।
26 जनवरी को दिए जाने वाले पुरस्कार
- भारत रत्न – सर्वोच्च नागरिक सम्मान
- पद्म पुरस्कार – पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री
- वीरता पुरस्कार – परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र, अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र
- राष्ट्रपति का पुलिस पदक और अग्निशमन सेवा पदक
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
इतिहास और महत्व
1950 में 26 जनवरी को भारत का संविधान लागू हुआ और भारत ने अधिनियम 1935 को बदलकर नए संविधान को अपनाया। तब से हर साल यह दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारत के लोकतंत्र और संविधान की महत्ता को याद दिलाता है।
