
वॉशिंगटन/मॉस्को/अबू धाबी। अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के प्रयास तेज हो गए हैं। गुरुवार देर रात, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूतों से मुलाकात की और युद्ध को समाप्त करने के लिए संभावित फ्रेमवर्क पर चर्चा की।
अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल में स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर और जोश ग्रुएनबाम शामिल थे। ट्रंप ने हाल ही में इन्हें बोर्ड ऑफ पीस में वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया था, जिसका काम गाजा में युद्धविराम के बाद पुनर्निर्माण और अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाना है।
क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन ने आधी रात के समय अमेरिकी दूतों से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव और विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव भी मौजूद थे। मुलाकात का वीडियो भी जारी किया गया है।
हालांकि, बातचीत के दौरान रूस ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन भी किया। रूसी Tu-22M3 लॉन्ग–रेंज बॉम्बर और फाइटर जेट्स ने बाल्टिक सागर में पांच घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरी। युद्ध के दौरान इन विमानों का उपयोग यूक्रेनी शहरों और ऊर्जा ढांचे पर मिसाइल हमलों के लिए किया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार युद्ध समाप्ति पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की समझौते पर नहीं पहुंचते, तो यह बेवकूफी होगी। ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में आठ युद्धों को खत्म करने का दावा किया है, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है।
संकट के प्रमुख बिंदु:
- रूस चाहता है कि यूक्रेन पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र का 20 प्रतिशत हिस्सा छोड़ दे।
- यूक्रेन नाटो में शामिल होने की इच्छा नहीं छोड़ रहा।
- युद्ध के बाद नाटो सैनिकों की उपस्थिति को रूस स्वीकार नहीं करता।
अमेरिकी मध्यस्थता के तहत पहली त्रिपक्षीय बैठक शुक्रवार को अबू धाबी में होगी, जिसमें रूस, यूक्रेन और अमेरिका एक ही टेबल पर बैठेंगे। इस बैठक में युद्धविराम और क्षेत्रीय नियंत्रण जैसे विवादित मुद्दों पर वार्ता होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बैठक रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।