
थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ न केवल सिनेमाघरों में, बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज के मामले में भी विवाद में फंसती दिख रही है। मेकर्स ने अदालत में बताया कि ओटीटी स्ट्रीमर ने उन्हें मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी है।
रिलीज का विवाद: सेंसर बोर्ड और कोर्ट में पचड़ा
‘जन नायकन’ को देशभर में 9 जनवरी को रिलीज़ करने की योजना थी, लेकिन सेंसर बोर्ड (CBFC) से सर्टिफिकेट न मिलने के कारण यह टल गया। फिल्म के प्रोड्यूसर्स KVN प्रोडक्शंस ने अदालत को बताया कि शुरुआती स्क्रीनिंग के बाद CBFC की रिव्यू कमेटी ने 27 कट्स सुझाए। बदलाव के बाद एडिटेड वर्ज़न 22 दिसंबर को जमा किया गया, लेकिन बोर्ड ने अचानक सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया।
प्रोड्यूसर्स ने कोर्ट को बताया कि 25 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच CBFC की ओर से कोई संचार नहीं हुआ, जबकि कई बार अपडेट की रिक्वेस्ट की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कारण फिल्म की रिलीज़ डेट अनिश्चित बनी, जिससे ओटीटी प्लेटफॉर्म ने भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
OTT स्ट्रीमर ने क्यों दिया चेतावनी
मद्रास हाई कोर्ट में प्रोड्यूसर्स ने बताया कि Amazon Prime Video ने कहा था कि यदि रिलीज़ डेट अनिश्चित रही, तो संभावित मुकदमा किया जा सकता है। सीनियर एडवोकेट सतीश पारासरन ने अदालत में तर्क दिया कि OTT स्ट्रीमर ने केवल कम्युनिकेशन किया था, जिसे चुनौती दी जा सकती थी, लेकिन स्पष्ट आदेश न होने के कारण उनके पास कोई ठोस कानूनी उपाय नहीं बचा।
सेंसर बोर्ड ने उठाए सवाल
CBFC के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने पूछा कि सर्टिफिकेट मिलने से पहले रिलीज डेट क्यों घोषित की गई। प्रोड्यूसर्स ने इसका उदाहरण ‘धुरंधर 2’ दिया और तर्क किया कि क्लियरेंस से पहले रिलीज़ डेट घोषित करना सामान्य प्रक्रिया है।
साथ ही, प्रोड्यूसर्स ने यह भी तर्क दिया कि रिव्यू कमेटी का एक ही सदस्य शिकायतकर्ता बन गया। पहले उसने कोई आपत्ति नहीं जताई थी, लेकिन बाद में शिकायत दर्ज कर दी। ASG ने अदालत को बताया कि CBFC के रिकॉर्ड और शिकायत वाले लिफाफ़े के साथ तैयार होकर आए थे। शिकायत में कहा गया कि फिल्म के कुछ सीन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचा सकते हैं और सशस्त्र बलों का आपत्तिजनक चित्रण है।
मद्रास हाई कोर्ट का निर्णय बाकी
मद्रास हाई कोर्ट ने 20 जनवरी को CBFC द्वारा सिंगल जज के आदेश के खिलाफ दायर रिट अपील पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। इस आदेश में फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया गया था। अब सभी को मद्रास हाई कोर्ट के डिविजन बेंच के फैसले का इंतजार है, जिसके बाद ही फिल्म की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हट सकेगी।