Sunday, May 31

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चरक संहिता के अनुसार स्वास्थ्य और ताकत के लिए सही भोजन: कब, क्या, कैसे और कितना खाएं

 

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आयुर्वेद का प्राचीन ग्रंथ चरक संहिता यह सिखाता है कि स्वस्थ जीवन का मूल आधार सही भोजन, सही समय और सही तरीका है। यदि हम इन नियमों को अपनाएं तो न केवल बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि लंबा, स्वस्थ और संतुलित जीवन भी जीया जा सकता है।

 

आयुर्वेद में भोजन को शरीर और मन की सेहत की सबसे बड़ी कुंजी माना गया है। आजकल लोग खाने की मात्रा, समय और प्रकार पर कम ध्यान देते हैं, जबकि चरक संहिता में इन बातों पर विशेष जोर दिया गया है। सही समय पर और संतुलित भोजन करने से न केवल शरीर को पोषण मिलता है, बल्कि मानसिक शांति और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

 

चरक संहिता के अनुसार भोजन के प्रकार

चरक संहिता के अनुसार भोजन को 12 वर्गों में बांटा गया है:

 

अनाज (चावल, जौ, गेहूं)

दालें (मूंग दाल सर्वोत्तम)

मांस (विशेष रोगों या कमजोरी में)

सब्जियां

फल

हरी जड़ी-बूटियां

मदिरा

पानी

दूध और दुग्ध उत्पाद

गन्ने से बने पदार्थ

पका हुआ भोजन

भोजन में मिलाए जाने वाले सहायक पदार्थ

 

भोजन करने के नियम

 

गर्म और चिकना भोजन: पाचन शक्ति बढ़ाता है और शरीर को पोषण देता है।

सही मात्रा में भोजन: पेट का आधा हिस्सा ठोस, एक चौथाई तरल और एक चौथाई खाली रखें।

भूख लगने पर ही खाएं: भोजन के पचने के बाद ही नया भोजन लें।

धीरे-धीरे और ध्यानपूर्वक खाएं: तेज खाने से पाचन ठीक नहीं होता, और ध्यान न देकर खाने से संतोष नहीं मिलता।

शांत वातावरण में भोजन: बात करना, हंसना या मोबाइल देखते हुए खाना हानिकारक माना गया है।

 

रोजाना खाने योग्य और अपचनकारी खाद्य पदार्थ

 

रोजाना: शष्टिक चावल, मूंग दाल, सेंधा नमक, आंवला, दूध, घी, शहद। ये पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

कम सेवन: सूखा मांस, सूखी सब्जियां, कमल की जड़, बीफ, सूअर का मांस, उड़द दाल और दही। ये पचने में कठिन और शरीर के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं।

 

भोजन का सही समय और ऋतुचर्या

चरक संहिता के अनुसार दिन का मुख्य और भारी भोजन दोपहर में करना चाहिए, क्योंकि इस समय सूर्य की ऊर्जा और पाचन शक्ति सबसे अधिक रहती है।

 

बरसात में: खट्टे, नमकीन और हल्के चिकने पदार्थ।

गर्मी में: ठंडे, हल्के और तरल पदार्थ।

 

निष्कर्ष

चरक संहिता हमें सिखाती है कि भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन की सेहत, ऊर्जा और दीर्घायु का आधार है। संतुलित और समय पर भोजन करना स्वस्थ जीवन की कुंजी है।

 

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी दवा या इलाज का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

 

 

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