
पटना (रमाकांत चंदन)। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने यूपी की सियासत में सक्रिय एंट्री का संकेत दे दिया है। उन्होंने हाल ही में वाराणसी में बिहारी छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की। इस कदम से तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी के विस्तार और राजनीतिक गंभीरता का भी संदेश दिया।
पार्टी और व्यक्तित्व का विस्तार
तेज प्रताप यादव ने सीबीआई जांच की मांग के माध्यम से अपनी पार्टी और व्यक्तिगत छवि का विस्तार किया। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि वे बिहार की जनता के प्रति जागरूक और गंभीर सोच रखने वाले नेता हैं। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल को यूपी और पश्चिम बंगाल में विस्तार देने के संकेत भी दिए।
तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाग लेगी और दिल्ली में होने वाले नगर निगम चुनावों में भी उम्मीदवार उतारेगी।
दही-चूड़ा भोज से दिखी सक्रियता
मकर संक्रांति पर आयोजित दही-चूड़ा भोज के दौरान तेज प्रताप यादव ने पार्टी विस्तार और राजनीतिक ताकत का इजहार किया। इस दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और नीतीश कुमार के करीबी मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद रहे, जिससे तेज प्रताप का राजनीतिक कद और मजबूत हुआ।
सुर्खियों में रहना इनकी आदत
राजनीति में तेज प्रताप की सक्रियता हमेशा चर्चा में रही है। लालू परिवार की छवि लिए उनका बोलचाल का अंदाज, शैली और व्यक्तित्व जनता को आकर्षित करता रहा है। उनकी शादी और निजी जीवन से जुड़े विवाद भी अखबारों में सुर्खियों में रहे। इसके अलावा, तेज प्रताप कभी बाबा भोलेनाथ, कभी कृष्ण और कभी बांसुरी वादक जैसे अवतार अपनाकर भी मीडिया की निगाह में बने रहे।
तेज प्रताप यादव की ये गतिविधियां स्पष्ट करती हैं कि वे न केवल जनशक्ति जनता दल का विस्तार चाहते हैं, बल्कि यूपी और दिल्ली की सियासी पटल पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति भी तैयार कर रहे हैं।