Wednesday, June 3

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लालू के गढ़ में नीतीश का ‘मनोवैज्ञानिक प्रहार’: सारण से RJD के सफाए का संदेश लेकर ‘समृद्धि यात्रा’ पर CM

 

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सारण/पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए सारण जिले का राजनीतिक महत्व सिर्फ एक जिला नहीं, बल्कि राजद के खिलाफ मनोवैज्ञानिक युद्ध जीतने का सबसे बड़ा मोहरा रहा है। नीतीश का मानना है कि यदि लालू प्रसाद यादव को उनके गृह क्षेत्र में हराया जा सकता है, तो पूरे बिहार में राजद की अपराजेय छवि को चुनौती देना आसान होगा।

 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ की 16वीं यात्रा पर सारण को प्राथमिकता दी है। उनका लक्ष्य केवल विकास कार्य करना नहीं, बल्कि जनता के मन में यह संदेश पहुंचाना भी है कि राजद का प्रभाव उनके गढ़ में कमजोर हुआ है।

 

सारण की जनता का बदलता रुझान

 

हाल के चुनावों में सारण की जनता ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक पकड़ को चुनौती दी है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवार राजीव प्रताप रूडी ने लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य को हराया।

 

वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने सारण की 10 में से 7 सीटों पर जीत दर्ज की। इसमें भाजपा ने 5 और जेडीयू ने 2 सीटें जीतीं। आरजेडी को केवल 3 सीटों पर जीत मिली। 2020 में आरजेडी ने 6 सीटें जीती थीं। यह परिणाम दिखाता है कि सारण में राजद का प्रभुत्व अब चुनौतीपूर्ण स्थिति में है।

 

नीतीश की विशेष दृष्टि और विकास कार्य

 

समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जीविका दीदियों के अस्पताल, सिलाई केंद्र, और आईटीआई केंद्र का उद्घाटन करेंगे। यह यात्रा न केवल विकास के लिए है, बल्कि यह राजनीतिक संदेश भी देती है कि एनडीए सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के माध्यम से सारण की जनता के लिए समृद्धि के रास्ते खोल रही है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, सारण में सफल समृद्धि यात्रा और विकास कार्यों का प्रदर्शन नीतीश कुमार के राजद के खिलाफ मनोवैज्ञानिक दबाव को मजबूत करता है। यह कदम पूरे बिहार में राजद के प्रभाव को चुनौती देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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