
जमशेदपुर: कारोबारी देवांग गांधी के 24 वर्षीय पुत्र कैरव गांधी के अपहरण के पांच दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक अपराधियों तक नहीं पहुँच पाई है। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से विदेशी नंबर के माध्यम से पांच करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी।
शनिवार देर रात पुलिस ने संदेह के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन कैरव गांधी का कोई सुराग नहीं मिल पाया। इस घटना ने झारखंड में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को फिर उजागर कर दिया है।
राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल: संजय सेठ
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। झारखंड में कारोबारी और आम नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री विदेशों में निवेशकों को आमंत्रित कर रहे हैं, वहीं राज्य के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवारों के बच्चे तक सुरक्षित नहीं हैं।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर साधा निशाना
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जमशेदपुर से अपहरण के पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ खाली हैं। उन्होंने बताया कि रांची के ओरमांझी का 12 वर्षीय कन्हैया भी दो महीने से लापता है। बाबूलाल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों का अपहरण मानव तस्करी और अमीरों का अपहरण फिरौती के लिए किया जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
जमशेदपुर पश्चिमी विधायक सरयू राय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ हो सकता है और अपहृत युवक की जान खतरे में है।
विशेष जांच टीमें सक्रिय
पुलिस ने सात विशेष जांच टीमों का गठन किया है और झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में छापेमारी शुरू की है। कॉल डंप, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। बावजूद इसके अब तक अपहृत युवक की बरामदगी या अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।