Monday, January 19

‘हिरोशिमा’ जैसा दिखेगा भोपाल का यूनियन कार्बाइड, 1200 करोड़ से बनेगा भव्य गैस त्रासदी स्मारक

भोपाल: भोपाल गैस त्रासदी के 41 साल बाद अब यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के 90 एकड़ के वीरान परिसर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्मारक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि यह स्मारक जापान के हिरोशिमा और नागासाकी की तर्ज पर तैयार होगा। इसका उद्देश्य 2-3 दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से हुए एमआईसी गैस रिसाव में मारे गए और अपंग हुए लोगों को श्रद्धांजलि देना है।

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स्मारक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की जगह बनेगा

प्रस्तावित स्मारक वहीँ बनाया जाएगा, जहां कभी यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री थी। इसका मकसद भोपाल गैस त्रासदी की भयावहता को याद दिलाना और दुनिया को यह दिखाना है कि कैसे भोपाल एक आधुनिक शहर के रूप में आगे बढ़ा है, जबकि एक समय यह दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक तबाही का स्थल था।

90 एकड़ में मास्टर प्लान तैयार

स्मारक के विकास की योजना 2025 में पीथमपुर की TSDF सुविधा में फैक्ट्री परिसर से जहरीले कचरे को साफ करने के बाद बनी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि लगभग 90 एकड़ जमीन पर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।

पीड़ितों की याद में विशेष पहल

  • पीड़ितों के नामों वाली दीवार बनाई जाएगी।
  • एक औद्योगिक आपदा संस्थान और साहित्य संग्रहालय भी स्थापित किया जाएगा।
  • इस पूरे प्रोजेक्ट पर 1200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री का बयान

सीएम मोहन यादव ने कहा,

“सरकार समाज के सभी वर्गों और प्रभावित हितधारकों से सलाह लेकर यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर के विकास के साथ आगे बढ़ेगी। उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में, भोपाल गैस त्रासदी में जान गंवाने वालों की याद में अब साफ किए गए परिसर में स्मारक बनाया जाएगा।”

यह स्मारक भोपाल की औद्योगिक तबाही की याद को संरक्षित करेगा और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षा और जागरूकता का संदेश देगा।

 

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