Monday, January 19

मेरठ में सेना भर्ती के नाम पर ठगी का अंतर्राज्यीय गिरोह बेनकाब, 20 लाख में तय होता था सौदा

 

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मेरठ, 19 जनवरी 2026 (रामबाबू मित्तल) – मेरठ में मिलिट्री इंटेलिजेंस ने सेना भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। टेरिटोरियल आर्मी की लिखित परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों से मोटी रकम वसूलने वाले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में कुल 19 लोग हिरासत में लिए गए, जिनमें 16 युवाओं को ठगी का शिकार बताया जा रहा है।

 

रविवार को मेरठ स्थित आर्मी स्कूल में आयोजित टेरिटोरियल आर्मी की लिखित परीक्षा के दौरान, मिलिट्री इंटेलिजेंस ने अनियमितता का पता लगाया। जांच में सामने आया कि 19 अभ्यर्थियों के पास फर्जी प्रवेश पत्र थे।

 

मुख्य आरोपी रोहित और साथी गिरफ्तार

पूछताछ में युवकों ने बताया कि हापुड़ निवासी रोहित ने उन्हें परीक्षा में पास कराने का भरोसा दिलाया था। इसके बाद रोहित को हिरासत में लिया गया, और उसके साथ काम करने वाले हरजीत और बिजेंद्र को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह ठगी लंबे समय से चल रहा संगठित अपराध है।

 

15 से 20 लाख रुपये में तय होता था सौदा

सूत्रों के अनुसार, फर्रुखाबाद में बैठे गिरोह के मुख्य सरगना धर्मेंद्र, सतीश और प्रताप युवाओं से सेना भर्ती के नाम पर 15 से 20 लाख रुपये तक का सौदा करते थे। शुरुआती तौर पर टोकन मनी के रूप में 50 हजार से 1 लाख रुपये लिए जाते थे और बाद में अलग-अलग बहानों से रकम वसूली जाती थी।

 

दिल्ली में तैयार होते थे फर्जी दस्तावेज

युवाओं से पैसे फर्रुखाबाद में लिए जाते थे, जबकि फर्जी दस्तावेज दिल्ली में तैयार किए जाते थे। दिल्ली में बैठे उनके साथी प्रदीप राठी, दीप हुड्डा और एक व्यक्ति जो खुद को एडवोकेट बताता था, जाली कागजात तैयार कर रोहित को सौंपते थे। रोहित का काम रुड़की में सेना की यूनिट में टेम्परेरी लेबर के तौर पर सामान ढोना और जवानों के लिए खाना बनाना था, जिससे उसका लुक सेना के जवान जैसा दिखता था।

 

मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी

अभी मिलिट्री इंटेलिजेंस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इससे सेना भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले बड़े राष्ट्रीय गिरोह की परतें उजागर होंगी और आरोपियों को कड़ी कार्रवाई के तहत जेल भेजा जाएगा।

 

 

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