
नई दिल्ली। क्रिकेट में विश्व कप खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन कई बार किस्मत और चोटें इस सपने को अधूरा छोड़ देती हैं। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसे कई नाम हैं, जिन्हें टीम में चुने जाने के बावजूद इंजरी के कारण विश्व कप से बाहर होना पड़ा। अब इसी राह पर भारतीय ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर भी खड़े नजर आ रहे हैं, जिनका टी20 विश्व कप 2026 खेलना फिलहाल सवालों के घेरे में है।
वॉशिंगटन सुंदर को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें टी20 सीरीज से बाहर कर दिया गया है। यदि वह समय पर फिट नहीं हो पाते हैं, तो 7 फरवरी से शुरू हो रहे टी20 विश्व कप 2026 से भी उनका बाहर होना तय माना जा रहा है। इससे पहले भी कई भारतीय सितारों को ऐसा ही दिल तोड़ने वाला अनुभव झेलना पड़ा है।
जसप्रीत बुमराह (टी20 विश्व कप 2022)
भारतीय तेज गेंदबाजी की रीढ़ माने जाने वाले जसप्रीत बुमराह 2022 के टी20 विश्व कप का हिस्सा थे, लेकिन पीठ की गंभीर चोट ने उन्हें टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले बाहर कर दिया। उनकी जगह मोहम्मद शमी को टीम में शामिल किया गया था। बुमराह का बाहर होना टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
वीरेंद्र सहवाग (टी20 विश्व कप 2009 और 2010)
पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग को चोट की वजह से लगातार दो टी20 विश्व कप मिस करने पड़े।
- 2009 में कंधे की चोट ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया।
- 2010 में भी वही चोट आड़े आई और उनकी जगह मुरली विजय को मौका मिला।
अपने आक्रामक अंदाज के लिए मशहूर सहवाग का विश्व कप न खेल पाना फैंस के लिए भी निराशाजनक रहा।
अक्षर पटेल (वनडे विश्व कप 2023)
वनडे विश्व कप 2023 के लिए घोषित भारतीय टीम में अक्षर पटेल का नाम शामिल था। हालांकि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही वह चोटिल हो गए और चयनकर्ताओं को मजबूरन उनकी जगह आर. अश्विन को टीम में शामिल करना पड़ा।
ईशांत शर्मा (वनडे विश्व कप 2015)
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में हुए 2015 विश्व कप में तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा टीम का हिस्सा थे। लेकिन घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से ठीक पहले उन्हें बाहर होना पड़ा। उनकी जगह मोहित शर्मा को टीम में शामिल किया गया।
प्रवीण कुमार (वनडे विश्व कप 2011)
2011 विश्व कप में नई गेंद से स्विंग कराने वाले गेंदबाज प्रवीण कुमार को भारतीय टीम में चुना गया था। लेकिन कोहनी की चोट ने उनका सपना तोड़ दिया। उनकी जगह एस. श्रीसंत को टीम में शामिल किया गया, जो बाद में विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बने।
अब सवाल वॉशिंगटन सुंदर पर
इन सभी उदाहरणों के बाद अब निगाहें वॉशिंगटन सुंदर पर टिकी हैं। टीम मैनेजमेंट और फैंस दोनों यही उम्मीद कर रहे हैं कि वह समय रहते फिट हो जाएं और विश्व कप में भारत के लिए अहम भूमिका निभाएं। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो सुंदर भी उन बदनसीब खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो जाएंगे, जिनका विश्व कप खेलने का सपना इंजरी की भेंट चढ़ गया।
क्रिकेट में जीत-हार से ज्यादा दर्दनाक होता है मैदान से बाहर बैठकर अपनी टीम को खेलते देखना—और यही दर्द कई भारतीय दिग्गज झेल चुके हैं।