
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ स्तर तक पहुँचने की आशंका को देखते हुए GRAP स्टेज-3 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
शुक्रवार शाम 4 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 354 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। GRAP-III के अंतर्गत निर्माण कार्यों पर रोक, वाहनों पर प्रतिबंध और उद्योगों को बंद करने जैसे कदम उठाए गए हैं।
GRAP-3 में ये पाबंदियां लागू:
गैर-जरूरी निर्माण और तोड़-फोड़ कार्य पर रोक, जिसमें मिट्टी से जुड़े काम, पाइलिंग, खुली खुदाई, वेल्डिंग, पेंटिंग, टाइल और फर्श का काम शामिल है।
रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांटों का संचालन प्रतिबंधित।
स्टोन क्रशर, ईंट भट्टे, खनन और अनधिकृत ईंधन का इस्तेमाल करने वाले उद्योग बंद।
BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाले चार पहिया वाहनों को चलाने पर रोक।
गैर-जरूरी डीजल वाले मध्यम माल वाहन और अंतर-राज्यीय डीजल बसें प्रतिबंधित, जब तक कि वे सीएनजी, बिजली या BS-VI मानकों पर न चलें।
छूट दी गई सेवाओं में शामिल हैं:
मेट्रो, रेलवे, हवाई अड्डा, राजमार्ग, रक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सफाई जैसी बुनियादी सेवाएं। बहुत जरूरी निर्माण कार्य सख्त धूल नियंत्रण और कचरा प्रबंधन नियमों के तहत जारी रह सकते हैं।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और स्कूलों में हाइब्रिड/ऑनलाइन मोड को अपनाने की सिफारिश भी की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकों को मास्क पहनने और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए, खासकर संवेदनशील समूहों के लिए यह और अधिक जरूरी है।