
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को आईआईटी दिल्ली में आयोजित ‘प्रदूषण के खिलाफ इनोवेटिव सॉल्यूशंस प्रदर्शनी’ का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में जून 2025 में घोषित इनोवेशन चैलेंज के तहत चुने गए 33 प्रोटोटाइप समाधानों को प्रदर्शित किया गया। यह पहल दिल्ली सरकार की प्रदूषण कम करने की योजना का एक अहम हिस्सा है, जिसमें युवाओं और नए इनोवेटर्स की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, “दिल्ली का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। आपकी इनोवेटिव सोच और आइडियाज देखकर मुझे दिल्ली का भविष्य बहुत उज्ज्वल दिखाई दे रहा है। वायु प्रदूषण हमारी सबसे बड़ी चुनौती है और इसे नियंत्रित करने के लिए अस्थायी कदमों के बजाय स्थायी और तकनीक-आधारित समाधान अपनाए जा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली में पहली बार 4,200 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को आधिकारिक वन क्षेत्र घोषित किया गया है और ऑक्सीजन देने वाले स्वदेशी पेड़ लगाकर घने जंगल विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण केवल हवा तक सीमित नहीं है, यह पानी, जमीन और जीवन से जुड़ा व्यापक मुद्दा है।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि पिछले आठ महीनों से सरकार टेक्नोलॉजी-ड्रिवन उपायों पर काम कर रही है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, पुराने कचरे की बायो-माइनिंग, धूल और पीएम10 प्रदूषण नियंत्रण, तथा क्लाउड सीडिंग जैसी आधुनिक तकनीक शामिल है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन प्रयासों से दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रदूषण नियंत्रण में यह मॉडल देश के लिए एक मिसाल बनेगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी इनोवेशन क्षमता से प्रदूषण के खिलाफ सरकार की इस लड़ाई में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और दिल्ली को साफ-सुथरा और स्वस्थ बनाने में सहयोग करें।