
चंडीगढ़/जालंधर: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को सिख धर्म गुरुओं के अपमान से जुड़े मामले में बड़ी राहत मिली है। पंजाब की जालंधर कोर्ट ने फॉरेंसिक जांच के बाद यह पाया कि दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया वीडियो डॉक्टर्ड (छेड़छाड़ किया हुआ) था।
जालंधर के एडीशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने मेटा, एक्स और टेलीग्राम को 24 घंटे के अंदर संबंधित वीडियो क्लिप हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो में ऑडियो को डिजिटल रूप से बदला गया था।
सिंह साहिबानों और नौवें सिख गुरु गुरु तेग बहादुर के बारे में कथित विवादास्पद टिप्पणी दिखाने वाली यह क्लिप जालंधर साइबर क्राइम पुलिस के आवेदन पर जांच के बाद सार्वजनिक व्यवस्था और धार्मिक सद्भाव के लिए खतरा मानी गई। कोर्ट ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 (नियम 3(d)) का हवाला देते हुए प्लेटफॉर्म्स को विशिष्ट URL से जुड़े कंटेंट को हटाने और 10 दिनों के अंदर कंप्लायंस रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
यह मामला तब शुरू हुआ जब आप नेता इकबाल सिंह बग्गा ने 7 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि कपिल मिश्रा ने वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसे राजनीतिक हंगामा खड़ा करने के लिए जानबूझकर एडिट किया गया था। इस विवाद पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
जांच में यह भी सामने आया कि डिजिटल बदलावों का पता लगाने के लिए पहले AI टूल जेमिनी का इस्तेमाल किया गया और फिर मोहाली की राज्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में विस्तृत ऑडिट किया गया। कोर्ट ने वीडियो की प्रामाणिकता को खारिज करते हुए इसे हटाने का आदेश दिया।