Thursday, January 15

ब्राह्मणों की उपेक्षा पर मायावती की चिंता, जन्मदिन पर बसपा सुप्रीमो ने याद किया शासनकाल और ‘सोशल इंजीनियरिंग’

 

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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती मंगलवार को 70 साल की हो गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। अपने जन्मदिन पर मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यूपी में ब्राह्मण समाज की उपेक्षा पर चिंता जताई और बसपा शासनकाल की उपलब्धियों को याद किया।

 

ब्राह्मण समाज के प्रति चिंता

मायावती ने बताया कि शीतकालीन सत्र के दौरान बीजेपी, सपा और कांग्रेस से जुड़े ब्राह्मण नेताओं ने उनसे मुलाकात कर अपने समाज की उपेक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “बसपा ने हमेशा ब्राह्मण समाज को पूरा सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व दिया है।”

 

बसपा शासनकाल की उपलब्धियां

मायावती ने अपने शासनकाल को याद करते हुए कहा कि यूपी में सबसे ज्यादा विकास बसपा सरकारों में हुआ। उन्होंने कहा, “हमने केवल दलित ही नहीं, बल्कि अन्य समुदायों के लिए भी काम किया।”

 

सपा पर तीखा हमला

पूर्व मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “सपा शासन में गुंडों और अपराधियों का राज था। दलितों का सबसे ज्यादा शोषण किया गया। 1995 में हजारों सपाई गुंडों ने मेरी जान लेने की कोशिश की थी।”

 

सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला फिर आजमाने की तैयारी

मायावती ने दोहराया कि बसपा 2027 विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी। उन्होंने 2007 के चुनाव की भी याद दिलाई, जब दलित और ब्राह्मण वोटों की सोशल इंजीनियरिंग के सहारे बसपा ने सत्ता पर कब्जा किया था। इस बार भी मायावती वही फॉर्मूला अपनाने की तैयारी में हैं।

 

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