
राजधानी लखनऊ में जलकल विभाग के जोन-7 में एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से अयोध्या रोड स्थित एक बड़े होटल का करीब 16 लाख रुपये का पानी बिल रिकॉर्ड से गायब कर दिया गया। इस कार्रवाई में केवल सीवर का सालाना 64 हजार रुपये का बिल वसूला गया, जबकि पानी का बिल पूरी तरह शून्य कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, इस्माइलगंज में स्थित इस होटल की जलकल विभाग में हाउस आईडी 10278619 दर्ज है, जिसका एनुअल रेंटल वैल्यू (एआरवी) 22,80,605 रुपये है। इसके अनुसार भवन स्वामी को पानी के बिल के रूप में करीब 12.50% शुल्क अदा करना होता है। लेकिन जोन सात के कर्मचारियों ने पानी का कनेक्शन रिकॉर्ड से हटाकर बिल शून्य कर दिया। इस तरह विभाग की मिलीभगत से वर्षों का बकाया बिल गायब हो गया, जबकि वास्तविकता यह है कि यह होटल 2014 से ही पानी कनेक्शन का उपयोग कर रहा था।
अपर नगर आयुक्त ने जांच के दिए निर्देश
अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने कहा कि पानी के बिल का रिकॉर्ड हटाना आपराधिक मामला बनता है। उन्होंने तुरंत जांच के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
सभी कमर्शियल प्रॉपर्टी का दोबारा असेसमेंट
अपर नगर आयुक्त ने बताया कि जोन सात में जलकल और सीवर के बिल में लगातार फर्जीवाड़े की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में सभी कमर्शियल प्रॉपर्टी का दोबारा असेसमेंट किया जाएगा। इस बार जलकल के बजाए नगर निगम जोन सात के अफसर और टैक्स इंस्पेक्टर इस कार्य के लिए जिम्मेदार होंगे। अयोध्या रोड की सभी कमर्शियल प्रॉपर्टी का पानी और सीवर बिल नए सिरे से मूल्यांकन किया जाएगा।
इस कार्रवाई से जोन सात में जलकल विभाग के कामकाज और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।