
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को भारत की सीमाओं पर सैन्य तैयारियों और ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव के बारे में खुलकर जानकारी दी। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि भारत को हल्के में न लिया जाए।
ऑपरेशन सिंदूर: तीनों सेनाओं का उत्कृष्ट तालमेल
जनरल द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर बीते साल मई में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था। इस अभियान के दौरान भारतीय सेना ने अपने सैनिकों को पूरी तैनाती के साथ तैयार रखा था। उन्होंने इसे संयुक्त अभियानों का बेहतरीन उदाहरण बताया और कहा कि भविष्य में सभी सैन्य प्रतिक्रियाएं इसी प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर और प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप होंगी।
सेना प्रमुख ने कहा, “भविष्य की लड़ाई किसी एक सेना या बल द्वारा नहीं जीती जाएगी। यह राष्ट्रीय स्तर का प्रयास होगा। हमारी संयुक्त तैयारी आत्मनिर्भरता और त्वरित निर्णय क्षमता को जमीनी स्तर पर लागू करती है।”
उत्तरी सीमाओं पर स्थिति स्थिर, सतर्कता आवश्यक
उत्तर में सुरक्षा स्थिति स्थिर है, लेकिन सतर्कता लगातार बनाए रखी जा रही है। नई बातचीत और विश्वास निर्माण उपाय सीमाओं पर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लाने में मदद कर रहे हैं। इससे घास कटाई, जल चिकित्सा शिविर और अन्य गतिविधियां भी संभव हो पा रही हैं।
भारत–चीन सीमा पर मजबूत तैनाती
LAC पर भारतीय सेना की तैनाती मजबूत और संतुलित बनी हुई है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि शक्सगाम घाटी पर चीन के दावों को भारत पूरी तरह खारिज करता है और इसे भारत का अभिन्न हिस्सा मानता है।
15 वर्षीय रक्षा योजना और आधुनिक हथियार
INDO PACIFIC DEFENSE FORUM के अनुसार, भारत की 15 वर्षीय रक्षा आधुनिकीकरण योजना में परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत शामिल है। इसके तहत भारतीय नौसेना के लिए स्वदेशी लड़ाकू विमानों और राफेल जेट को शामिल किया जाएगा। 2030 तक भारत 62 राफेल जेट सेवा में रखना चाहता है। योजना में डेक-आधारित हल्के लड़ाकू विमानों तेजस और ड्रोन तकनीक पर भी विशेष ध्यान है।
पाकिस्तान की पारंपरिक लड़ाई में असफलता
पूर्व पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी नजम सेठी ने कहा कि पाकिस्तान भारत से पारंपरिक लड़ाई में कभी जीत नहीं सकता। उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि भारत से जंग जीतना असंभव है।
ऑपरेशन सिंदूर में बड़ी सफलता
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी शिविरों को तबाह किया। इसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए और पाकिस्तान के मिसाइल व ड्रोन हमले नाकाम हुए। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के हवाई अड्डों पर कार्रवाई की। 10 मई को युद्धविराम हुआ।
निष्कर्ष
जनरल द्विवेदी का स्पष्ट संदेश है कि भारत पूरी तरह से तैयार है और किसी भी दुस्साहस का प्रभावी जवाब देने में सक्षम है। अमेरिका का समर्थन लेने वाला पाकिस्तान भी भारत के समग्र सामरिक बल के सामने टिक नहीं सकता।