
नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई, लेकिन दिन चढ़ते ही बाजार की दिशा पलट गई और बिकवाली का दबाव हावी हो गया। नतीजतन निवेशकों को भारी इंट्राडे नुकसान उठाना पड़ा और बाजार में एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल बन गया।
कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर 84,258.03 अंक तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद आई तेज गिरावट के चलते यह करीब 900 अंक फिसल गया। सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 933 अंक टूटकर 83,324.84 अंक के निचले स्तर तक आ गया। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 50 भी 25,899.80 के शिखर से गिरकर 25,627.40 अंक तक लुढ़क गया।
दोपहर 2:12 बजे सेंसेक्स 555.18 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,322.99 अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 164.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 25,625.35 अंक पर आ गया।
बाजार में आई इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 2.6 लाख करोड़ रुपये घटकर 466.41 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस तरह महज कुछ घंटों के कारोबार में निवेशकों की लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक संकेतों में कमजोरी, मुनाफावसूली, चुनिंदा दिग्गज शेयरों में बिकवाली और आगे की आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते बाजार पर दबाव बना। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों की चाल और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।