
अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक साल से भी कम समय में एक रिकॉर्ड संख्या में विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, बीते साल यानी 2025 में कुल 1,00,000 से ज्यादा वीजा रद्द किए गए, जिनमें करीब 8,000 स्टूडेंट परमिट भी शामिल हैं।
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल डिप्टी स्पोक्सपर्सन टॉमी पिगोट ने कहा कि यह कदम अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और देश की संप्रभुता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई पिछले वर्षों की तुलना में 150 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी दर्शाती है और अब तक का सबसे बड़ा कदम है।
नई सख्त नीति के तहत वीजा रद्द
विदेश विभाग ने बताया कि रद्द किए गए वीजा में उन विदेशी नागरिकों के वीजा शामिल हैं, जिन पर मारपीट, चोरी, नशे में गाड़ी चलाने और अन्य अपराधों के मामले दर्ज हैं या उन्हें दोषी ठहराया गया है।
हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने कंटीन्यूअस वेटिंग सेंटर भी लॉन्च किया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि किसी विदेशी नागरिक के खिलाफ अपराध या सुरक्षा संबंधी खतरे की जानकारी मिलने पर उनका वीजा तुरंत रद्द किया जा सके। इससे पहले यह निगरानी केवल वीजा आवेदन या अमेरिका में प्रवेश के समय की जाती थी।
देशों का नाम नहीं बताया गया
टॉमी पिगोट ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और सुरक्षा नीति की व्यापक सोच को दर्शाता है। हालांकि, यह नहीं बताया गया कि सबसे ज्यादा वीजा किन देशों के लोगों के रद्द किए गए और इनमें कितने पर्यटक, छात्र या लंबे समय से रहने वाले लोग शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन की यह नीति घरेलू और विदेशी सुरक्षा दोनों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है और इसके प्रभाव दूरगामी हो सकते हैं। अमेरिकी कानून के तहत सरकार को अधिकार है कि यदि कोई विदेशी नागरिक सुरक्षा के लिए खतरा है या अयोग्य पाया जाता है, तो उसका वीजा रद्द किया जा सकता है।