
कराची: पाकिस्तान में स्मार्टफोन की कीमतें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। इसका मुख्य कारण मोबाइल फोन पर लगने वाला भारी कर (टैक्स) है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ स्मार्टफोन की कीमत का 66 प्रतिशत तक टैक्स वसूला जाता है।
इस पर नियंत्रण लाने के लिए राष्ट्रीय असेंबली के सदस्य के सुझाव पर नवेद कमर की अगुवाई में एक उप-समिति बनाई गई है। इसका उद्देश्य मोबाइल फोन पर लगने वाले टैक्स को कम करना है।
PTA चेयरमैन भी उलझन में
Propakistani की रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी (PTA) के चेयरमैन को भी यह नहीं पता कि मोबाइल फोन पर वास्तव में कितना टैक्स लगता है। PTA मोबाइल फोन पर टैक्स नहीं वसूलता, लेकिन यह साफ नहीं है कि अलग-अलग फोन पर कुल टैक्स कितना बनता है।
उप-समिति का उद्देश्य
उप-समिति का काम यह सुनिश्चित करना है कि मोबाइल फोन महंगे होने के पीछे का टैक्स बोझ कम किया जा सके। यदि कोई फोन 50,000 रुपये का है, तो वर्तमान दरों के अनुसार उस पर लगभग 33,000 रुपये का टैक्स लगता है, जिससे कुल कीमत 83,000 रुपये हो जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर उप-समिति की सिफारिशें लागू हुईं, तो आने वाले समय में मोबाइल फोन की कीमतों में गिरावट आ सकती है और आम लोगों के लिए प्रीमियम फोन खरीदना आसान हो सकता है।