Tuesday, January 13

छोटा यूरोपीय देश भर-भरकर सोना खरीद रहा, आबादी झारखंड के बराबर

नई दिल्ली: सोने की कीमत में पिछले साल रिकॉर्ड वृद्धि हुई। यह 1979 के बाद का सबसे बड़ा सालाना उछाल है। इस तेजी का एक बड़ा कारण दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद रहा। नवंबर में केवल केंद्रीय बैंकों ने 45 टन सोना खरीदा, जो 11 महीने में दूसरी सबसे बड़ी खरीद थी। साथ ही यह लगातार दूसरा महीना था जब सेंट्रल बैंकों ने 40 टन से अधिक सोना खरीदा। साल के पहले 11 महीनों में उन्होंने कुल 297 टन सोना खरीदा।

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पोलैंड इस समय यूरोप में सबसे तेजी से अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहा है। नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड ने नवंबर में 12 टन सोना खरीदा, जो उस महीने विश्व में सबसे अधिक था। अक्टूबर में भी पोलैंड ने सबसे ज्यादा सोने की खरीद की थी। अब उसका कुल गोल्ड रिजर्व 543 टन तक पहुँच गया है, जो उसके कुल फॉरेक्स रिजर्व का 28% है।

पोलैंड का लक्ष्य है कि यह आंकड़ा 30% तक पहुँच जाए, और इसके लिए वह 2018 से लगातार सोने की खरीद कर रहा है। यह यूरोप का एक छोटा सा देश है जिसकी आबादी झारखंड के बराबर है।

दुनिया में सबसे ज्यादा सोना कहाँ है?
सबसे अधिक 8,133 टन सोना अमेरिका के फेडरल रिजर्व के पास है। इसके बाद जर्मनी (3,350 टन), इटली (2,452 टन), फ्रांस (2,437 टन), रूस (2,330 टन), चीन (2,304 टन), स्विट्जरलैंड (1,040 टन), भारत (880 टन), जापान (846 टन), तुर्की (641 टन) और नीदरलैंड (612 टन) का नंबर आता है।

हालांकि, गोल्डमैन सैश की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय घरों में लगभग 35,000 टन सोना है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5 ट्रिलियन डॉलर है।

 

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