
नई दिल्ली। देश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) हमेशा से शीर्ष पर रहे हैं। बेहतरीन पढ़ाई, रिसर्च और ऊंचे पैकेज वाली नौकरियों के लिए IITs जाने जाते हैं, लेकिन पटना के चर्चित शिक्षक खान सर का मानना है कि IITs के बेस्ट होने की वजह केवल अच्छी पढ़ाई नहीं, बल्कि उससे कहीं ज्यादा गहरी है।
ANI को दिए एक पॉडकास्ट में खान सर ने IIT, AIIMS और IIM जैसे संस्थानों को लेकर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि ये संस्थान सिर्फ इसलिए अच्छे नहीं हैं क्योंकि यहां प्रोफेसर शानदार हैं, बल्कि इसलिए भी क्योंकि यहां देश के सबसे मेहनती, प्रतिभाशाली और संघर्षशील छात्र पहुंचते हैं।
“IIT को IIT बनाते हैं वहां पहुंचने वाले बच्चे”
खान सर के अनुसार,
“IIT अच्छे संस्थान इसलिए नहीं हैं कि वहां प्रोफेसर बहुत अच्छे हैं, बल्कि इसलिए हैं क्योंकि वहां पहले से ही बहुत अच्छे बच्चे जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की सबसे बड़ी ताकत उनका सेलेक्शन प्रोसेस है, जो देशभर से सर्वश्रेष्ठ छात्रों को छांटकर आगे लाता है। यही वजह है कि IITs का एकेडमिक माहौल बाकी संस्थानों से अलग और मजबूत होता है।
क्यों होती है IIT की परीक्षा इतनी कठिन?
खान सर ने बताया कि IITs में दाखिले के लिए परीक्षा का स्तर जानबूझकर बेहद कठिन रखा जाता है, ताकि केवल वही छात्र चयनित हों जो—
- कठिन परिस्थितियों में भी टिके रह सकें
- लंबे समय तक निरंतर मेहनत करने की क्षमता रखते हों
- सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर प्रदर्शन कर सकें
उन्होंने यह भी कहा कि कई छात्र साधारण और डरने वाली पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन कठिन परीक्षा प्रक्रिया उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाती है।
IIT में चयन की प्रक्रिया
IIT में प्रवेश की प्रक्रिया दो चरणों में बेहद प्रतिस्पर्धात्मक होती है—
- JEE Main: लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं
- JEE Advanced: JEE Main में टॉप रैंक लाने वाले छात्र ही इसमें बैठ पाते हैं
अंतिम चयन JEE Advanced की रैंक, सीटों की उपलब्धता और JoSAA काउंसलिंग के आधार पर होता है। यही प्रक्रिया IITs को बाकी संस्थानों से अलग बनाती है।
IIT क्या हैं और क्यों हैं खास?
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान देश के शीर्ष सरकारी इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी संस्थान हैं। यहां—
- इंजीनियरिंग, साइंस और टेक्नोलॉजी में उच्च स्तरीय शिक्षा
- अत्याधुनिक रिसर्च
- देश-विदेश की टॉप कंपनियों में प्लेसमेंट
जैसी सुविधाएं मिलती हैं। IITs को उनकी एकेडमिक एक्सीलेंस और ग्लोबल पहचान के लिए जाना जाता है।
IIT में एडमिशन कब होता है?
IITs में एडमिशन प्रक्रिया आमतौर पर जून-जुलाई में शुरू होती है, जब JEE Advanced का परिणाम घोषित होता है। इसके बाद योग्य छात्र JoSAA काउंसलिंग के माध्यम से विभिन्न IITs में प्रवेश पाते हैं।
गौरतलब है कि JEE Main 2026 के पहले सेशन की परीक्षा 21 जनवरी से शुरू होने जा रही है।
निष्कर्ष
खान सर की राय साफ है—IITs को महान बनाने में वहां की इमारतें या प्रोफेसर ही नहीं, बल्कि वहां तक पहुंचने वाले छात्र सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। कठिन चयन प्रक्रिया ही IITs की असली पहचान और ताकत है।