
नई दिल्ली। नियंत्रण रेखा (LoC) के पास पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधियों को लेकर भारतीय सेना ने कड़ा रुख अपनाया है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस मुद्दे पर डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस) स्तर पर पाकिस्तान से सख्ती से बात की गई है और उसे स्पष्ट चेतावनी दी गई है। उन्होंने दो टूक कहा कि भविष्य में किसी भी तरह के दुस्साहस का भारतीय सेना दृढ़ता से जवाब देगी।
सेना प्रमुख ने बताया कि हाल के दिनों में LoC के पास जो ड्रोन देखे गए हैं, वे छोटे और निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले डिफेंसिव ड्रोन हैं। इसके बावजूद भारत ने इस गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि डीजीएमओ स्तर की बातचीत में यह साफ कर दिया गया है कि इस तरह की हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं।
ड्रोन क्षमताओं को तेजी से मजबूत कर रही है सेना
आर्मी चीफ ने कहा कि भारतीय सेना पहले भी ड्रोन का इस्तेमाल कर रही थी, लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद इस दिशा में कार्यवाही और तेज कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सेना ड्रोन के स्ट्रक्चर और तैनाती को लेकर नए सिरे से रणनीति बना रही है, ताकि किसी भी जरूरत पर तुरंत प्रभावी जवाब दिया जा सके।
उन्होंने जानकारी दी कि शक्तिबाण रेजिमेंट की शुरुआती रेंज 100 से 400 किलोमीटर तक होगी, जिसे आगे चलकर 700 से 1000 किलोमीटर तक अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि सेना की हर कमांड के पास करीब 500 ड्रोन बनाने की क्षमता है या वह पहले ही विकसित की जा चुकी है।
न्यूक्लियर मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं
जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि डीजीएमओ स्तर की बातचीत में परमाणु हथियारों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से यह सबक मिला है कि सूचना देने में विश्वसनीयता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। इसी कारण ऑपरेशन के दौरान पश्चिमी मोर्चे से जुड़े सभी सोशल मीडिया हैंडल बंद कर दिए गए थे और केवल सेना के आधिकारिक हैंडल से ही जानकारी साझा की जा रही थी।
LAC पर हालात स्थिर, लेकिन सतर्कता जरूरी
सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर फिलहाल स्थिति स्थिर है, लेकिन वहां भी लगातार नजर बनाए रखना आवश्यक है। ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे भारतीय सेना की रणनीतिक सोच को नया आकार मिला है और आतंकी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाया गया है।
अंत में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने साफ शब्दों में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है और भविष्य में पाकिस्तान की ओर से किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई का भारतीय सेना पूरी मजबूती के साथ जवाब देगी।