
नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में बीते शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ बढ़ने की आशंका और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के दबाव में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 604.72 अंक यानी 0.72 फीसदी टूटकर 83,576.24 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 778.68 अंक तक लुढ़ककर 83,402.28 के निचले स्तर पर भी पहुंचा। वहीं, एनएसई का निफ्टी 193.55 अंक यानी 0.75 फीसदी गिरकर 25,683.30 पर बंद हुआ।
इन दिग्गज शेयरों में रही गिरावट
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, अडानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, सन फार्मा और बजाज फाइनेंस के शेयरों में प्रमुख रूप से बिकवाली देखने को मिली। वहीं, बाजार की कमजोरी के बीच एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मजबूती रही।
इन शेयरों में दिख रही मजबूत खरीदारी
तकनीकी संकेतकों के अनुसार कुछ चुनिंदा शेयरों में तेजी के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। NALCO, Hindustan Zinc, Schloss Bangalore, Oil India Ltd, Coforge, Ipca Laboratories और CCL Products के शेयरों ने अपना 52 सप्ताह का उच्च स्तर पार कर लिया है। विश्लेषकों के मुताबिक यह इन शेयरों में आगे भी तेजी बने रहने का संकेत देता है।
इन स्टॉक्स में मंदी के संकेत
दूसरी ओर, एमएसीडी (MACD) इंडिकेटर ने कुछ शेयरों में कमजोरी का इशारा किया है। Elecon Engineering Company, Indian Energy Exchange, Manappuram Finance, Force Motors, Transformers & Rectifiers, Ather Energy और Tejas Networks के शेयरों में मंदी के संकेत उभर रहे हैं, जिससे इनमें आगे दबाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा माहौल में निवेशकों को सतर्कता बरतनी चाहिए और किसी भी शेयर में निवेश से पहले तकनीकी और मौलिक दोनों पहलुओं का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण बाजार विशेषज्ञों और ब्रोकिंग फर्मों की राय पर आधारित है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।