
शहडोल, मध्य प्रदेश: सोहागपुर ब्लॉक स्थित माता शबरी शासकीय कन्या शिक्षा परिसर कंचनपुर से पिछले 12 दिनों में दो छात्राएं रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई हैं। पहली छात्रा अपने मामा के साथ जाने की बात कहकर हॉस्टल से बाहर निकली थी, लेकिन घर नहीं पहुंची। जबकि दूसरी छात्रा बहन को छोड़ने के लिए बाहर गई और फिर वापस नहीं लौटी। इन घटनाओं ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और आदिवासी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पहला मामला 28 दिसंबर का है। कक्षा 12वीं की छात्रा हॉस्टल से अपने मामा के साथ घर जाने की बात कहकर निकली, लेकिन लौटकर नहीं आई। परिजन द्वारा सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
दूसरा मामला 8 जनवरी का है। कक्षा 10वीं की छात्रा अपने नाना और दो अन्य छात्राओं के साथ हॉस्टल पहुंची थी। दोनों सहेलियां हॉस्टल के भीतर चली गईं, लेकिन छात्रा बहन को छोड़ने के लिए बाहर गई और वापस नहीं लौटी। जब रोल कॉल किया गया, तो छात्रा अनुपस्थित मिली, जिससे हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। प्रिंसिपल देवेंद्र श्रीवास्तव ने मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई।
लगातार घटनाओं के बाद आदिवासी विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए हॉस्टल की अधीक्षिका सुलोचना बट्टे को निलंबित कर दिया। उनके स्थान पर चंद्रकला को नियुक्त किया गया, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया और उन्हें भी निलंबित कर दिया गया। वर्तमान में ममता सिंह को छात्रावास की अधीक्षिका बनाया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवालों के बीच, अभिभावक चिंतित हैं और पूरे जिले में इस हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता बनी हुई है। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा ने बताया कि दोनों मामलों में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। उप पुलिस अधीक्षक शहडोल राघवेंद्र द्विवेदी ने कहा कि दोनों छात्राओं के लापता होने की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।