
अहमदाबाद/वडोदरा: गुजरात के वडोदरा में बुधवार को निगम कमिश्नर आईएएस अरुण महेश बाबू का अचानक वार्ड ऑफिसों में औचक निरीक्षण मचा हड़कंप बन गया। कर्मचारियों और अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। कमिश्नर ने स्टाफ से कहा कि लापरवाही और गैरहाजिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अरुण महेश बाबू ने वार्ड ऑफिस के कामकाज का रेकॉर्ड तलब किया और चेताया कि वेतन लेने वालों को अपना काम पूरी ईमानदारी से करना होगा। उनके इस कदम से निगम के स्टाफ और पार्षदों में डर व्याप्त हो गया। जो कर्मचारी दोपहर में घर चले जाते थे, अब कार्यालय छोड़ने से डर रहे हैं।
कमिश्नर की पृष्ठभूमि और कार्यशैली:
2013 बैच के आईएएस अधिकारी अरुण महेश बाबू मूल रूप से केरल के मुन्नार से हैं।
छह भाषाओं में दक्ष, उन्होंने विश्वामित्री रिवर प्रोजेक्ट को लागू किया।
वडोदरा में सफाई, टूटी सड़कें सुधारने और अतिक्रमण हटाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
बी. टेक और एमबीए के बाद, वे पूर्व में राजकोट के कलेक्टर भी रह चुके हैं।
अब उनके जिम्मे 19 वार्डों में फैले वडोदरा महानगरपालिका के कामकाज को बेहतर बनाना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देना है।
कमिश्नर का यह कड़क अंदाज निगम चुनावों से पहले चर्चा का विषय बन गया है। वे सीएम भूपेंद्र पटेल के निर्देशों के अनुसार प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने पर फोकस कर रहे हैं। उनके कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर निगम चुनाव का ऐलान होने की उम्मीद है।