
साउथ और बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री सौंदर्या की दर्दभरी कहानी
साउथ सिनेमा की सबसे सफल और प्रभावशाली अभिनेत्रियों में शुमार रहीं सौंदर्या की जिंदगी जितनी चमकदार रही, उनका अंत उतना ही दर्दनाक और रहस्यमय रहा। महज 31 साल की उम्र में, जब वह अपने जीवन के सबसे खूबसूरत दौर—मातृत्व—की ओर बढ़ रही थीं, तभी एक भीषण हादसे ने उनकी जान ले ली। उस वक्त सौंदर्या सात महीने की गर्भवती थीं।
तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी फिल्मों में अपनी दमदार अदाकारी से पहचान बनाने वाली सौंदर्या को 90 के दशक की टॉप एक्ट्रेसेस में गिना जाता था। बॉलीवुड में उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘सूर्यवंशम’ में काम किया, जिसमें राधा ठाकुर के किरदार ने उन्हें हिंदी दर्शकों के दिलों में खास जगह दिलाई।
डॉक्टर बनने का सपना छोड़ बनीं सुपरस्टार
फिल्मों में आने से पहले सौंदर्या डॉक्टर बनना चाहती थीं। उन्होंने एमबीबीएस में दाखिला भी लिया था, लेकिन पहले ही साल फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। अभिनय की दुनिया ने उन्हें ऐसा आकर्षित किया कि उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और पूरी तरह सिनेमा को समर्पित हो गईं। जल्द ही वह साउथ इंडस्ट्री की सबसे भरोसेमंद और अवॉर्ड जीतने वाली अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।
शादी, खुशहाल जीवन और फिल्मों से संन्यास का फैसला
साल 2003 में सौंदर्या ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर जी.एस. रघु से शादी की। खास बात यह थी कि रघु उनके मामा के बेटे, यानी कजन थे और बचपन के दोस्त भी। शादी के बाद भी सौंदर्या ने फिल्मों में काम जारी रखा, लेकिन गर्भवती होने के बाद उन्होंने एक्टिंग छोड़कर परिवार और मातृत्व पर ध्यान देने का निर्णय ले लिया था।
राजनीति में एंट्री और मौत का हादसा
शादी के महज एक साल बाद, 2004 में, सौंदर्या ने राजनीति में कदम रखा। वह बीजेपी और तेलुगु देशम पार्टी से जुड़ीं।
17 अप्रैल 2004 को एक राजनीतिक रैली में शामिल होने के लिए वह चार-सीटर प्राइवेट एयरक्राफ्ट से यात्रा कर रही थीं। टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान में आग लग गई और वह करीब 100 मीटर ऊपर जाकर क्रैश हो गया। विमान पूरी तरह जल गया और उसमें सवार कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बच सका। इस हादसे में सौंदर्या और उनके गर्भ में पल रहा बच्चा दोनों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई।
फिल्मों से विदाई और समाजसेवा का सपना
तमिल निर्देशक आर.वी. उदयकुमार के मुताबिक, हादसे से एक दिन पहले ही सौंदर्या ने उन्हें फोन कर खुशखबरी दी थी कि वह मां बनने वाली हैं और अब फिल्मों से पूरी तरह संन्यास लेंगी। वह अनाथ बच्चों के लिए काम करना चाहती थीं। सौंदर्या ने अपने जीवन में तीन अनाथ स्कूल भी खोले थे, जहां बच्चों से कोई फीस नहीं ली जाती थी।
वसीयत और संपत्ति विवाद
सौंदर्या ने अपनी मौत से करीब दो महीने पहले वसीयत तैयार कर ली थी। इसमें उन्होंने हैदराबाद और बेंगलुरु की संपत्तियां, गहने और फिक्स्ड डिपॉजिट परिवार के अलग-अलग सदस्यों में बांटने का जिक्र किया था।
उनकी मौत के बाद संपत्ति को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया। उनकी भाभी ने पति और सास के खिलाफ केस दर्ज कराया, जो करीब 11–12 साल बाद जाकर सुलझा।
एक अधूरी कहानी
सौंदर्या सिर्फ एक सफल अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान और समाजसेवी भी थीं। उनकी असमय और दर्दनाक मौत आज भी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे दुखद अध्यायों में गिनी जाती है—एक ऐसी अभिनेत्री, जो मां बनने से ठीक पहले हमेशा के लिए खामोश हो गई।