
श्रीनगर, 7 जनवरी 2026: बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से बाहर करने के विवाद पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के फैसले को गलत ठहराया और कहा कि इस मामले में उस बेचारी खिलाड़ी की कोई गलती नहीं है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक स्तर पर जो हो रहा है, उसमें मुस्तफिजुर का क्या दोष है? उन्होंने मोदी सरकार का नाम लिए बिना, लेकिन अपरोक्ष रूप से यह सलाह दी कि सरकारों को राजनीतिक घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते समय संयम बरतना चाहिए। उन्होंने बांग्लादेश को भारत का घनिष्ठ मित्र बताते हुए, दोनों देशों के संबंधों के बिगड़ने पर चिंता भी जताई।
मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन बीसीसीआई के निर्देश पर टीम ने उन्हें आईपीएल 2026 की टीम से रिलीज कर दिया। बीसीसीआई ने यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के बाद भारत में पैदा हुई जनभावनाओं के मद्देनजर उठाया था।
उमर अब्दुल्ला ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “एक क्रिकेटर को हटाने से बांग्लादेश में हालात कैसे सुधरेंगे? इससे द्विपक्षीय संबंध कैसे बेहतर होंगे? उस बेचारे खिलाड़ी की क्या गलती है? उसकी टीम भी उसे नहीं हटाना चाहती थी। वह खुद वापस नहीं जाना चाहता था, लेकिन दबाव में उसे हटाया गया।”
उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं और बांग्लादेश ने कभी भारत में आतंकवाद नहीं फैलाया। उन्होंने इस विवाद को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इससे भविष्य में भारत और बांग्लादेश के बीच और भी तनाव बढ़ सकता है।
अब्दुल्ला ने खेल और राजनीति को अलग रखने की अपील करते हुए कहा, “सरकारों को राजनीतिक घटनाओं का विरोध करते समय संयम से काम लेना चाहिए। यह पूरी घटना आने वाले टी20 वर्ल्ड कप पर भी गहरा असर डालेगी। अब बांग्लादेश के लोग कह रहे हैं कि वे भारत में खेल नहीं सकते, वे चाहते हैं कि उनके मैच कहीं और कराए जाएं। इससे मामला और बिगड़ सकता है।”