
नई दिल्ली (7 जनवरी 2026): साल 2026 में कई लोग अपने घर का सपना पूरा करने के लिए होम लोन का सहारा ले रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस लोन में कुछ छिपे हुए चार्ज भी होते हैं, जो आपकी जेब पर भारी पड़ सकते हैं? यदि आप भी होम लोन लेने का सोच रहे हैं, तो इन चार्जेस के बारे में जानना बेहद जरूरी है ताकि आप ज्यादा पैसे खर्च करने से बच सकें।
आर्थिक जानकारों के अनुसार, होम लोन पर कई प्रकार के चार्ज लग सकते हैं, जैसे प्रोसेसिंग फीस, ईएमआई में देरी पर जुर्माना, रेट कन्वर्जन और बंडल इंश्योरेंस जैसे अनिवार्य शुल्क। इनसे लोन की कुल लागत काफी बढ़ सकती है। यदि इन पर ध्यान न दिया जाए, तो यह लोन चुकाने में अतिरिक्त रकम खर्च करवा सकते हैं।
आइए जानते हैं कि ये 7 चार्ज किस तरह आपकी जेब ढीली कर सकते हैं और इनसे बचने के उपाय क्या हैं:
- प्रोसेसिंग चार्ज
हर होम लोन की शुरुआत प्रोसेसिंग फीस से होती है, जो 5000 से लेकर 15000 रुपये तक हो सकती है। यह बैंक द्वारा आपके आवेदन का मूल्यांकन, दस्तावेजों की जांच और क्रेडिट चेक करने के लिए लिया जाता है। एक्सपर्ट का कहना है कि इन चार्जेस पर मोलभाव किया जा सकता है, और कुछ बैंक इसे कम भी करते हैं।
- प्रीपेमेंट पेनल्टी
अगर आप अपना लोन जल्दी चुकाना चाहते हैं तो प्रीपेमेंट पेनल्टी लग सकती है। फ्लोटिंग रेट होम लोन पर आरबीआई के नियमों के तहत कोई प्रीपेमेंट शुल्क नहीं होता, लेकिन फिक्स्ड रेट पर 4% तक जुर्माना हो सकता है। ऐसे में आंशिक प्रीपेमेंट से लोन की अवधि कम हो सकती है और आपको ब्याज की बचत हो सकती है।
- ब्याज दर बदलने पर चार्ज
यदि आप अपने लोन की ब्याज दर को फ्लोटिंग से फिक्स्ड या इसके विपरीत बदलना चाहते हैं, तो इसके लिए कन्वर्जन चार्ज लगता है। यह आपकी बकाया राशि का 0.25% से 0.5% तक हो सकता है। यह शुल्क 10,000 से लेकर 20,000 रुपये तक हो सकता है, इसलिए कन्वर्जन का विकल्प चुनने से पहले इसे ध्यान से समझ लें।
- बैलेंस ट्रांसफर की लागत
अगर आप अपने लोन को एक बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो बैंक आपको शुरुआती शुल्क के अलावा कुछ और शुल्क भी लगा सकते हैं, जैसे प्रोसेसिंग फीस, कानूनी शुल्क और मूल्यांकन शुल्क। बैलेंस ट्रांसफर तभी फायदेमंद होता है जब ब्याज दर में बड़ा अंतर हो।
- लेट पेमेंट चार्ज
अगर आप अपनी ईएमआई समय पर नहीं जमा कर पाते, तो बैंक भारी जुर्माना लगा सकते हैं। यह जुर्माना बकाया ईएमआई का 3% या उससे ज्यादा हो सकता है। बेहतर होगा कि आप अपने अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस रखें ताकि ईएमआई बाउंस न हो।
- जबरन बीमा बेचना
कई बार बैंक होम लोन के साथ इंश्योरेंस बंडल कर देती हैं। प्रॉपर्टी इंश्योरेंस अनिवार्य होता है, लेकिन लोन प्रोटेक्शन इंश्योरेंस वैकल्पिक होता है। बैंक का यह तरीका अक्सर उधारकर्ताओं को धोखा दे सकता है, क्योंकि वे बिना सहमति के इंश्योरेंस को लोन में जोड़ देती हैं। आपको अपनी पसंद के इंश्योरर से यह पॉलिसी लेनी चाहिए।
- CERSAI चार्ज
CERSAI चार्ज वह शुल्क होता है जो प्रॉपर्टी पर कई लोन रजिस्टर होने से बचाने के लिए लिया जाता है। यह शुल्क सामान्यत: 100 रुपये तक हो सकता है और अक्सर पहली बार लोन लेने वाले ग्राहकों को भ्रमित करता है।
निष्कर्ष:
अगर आप होम लोन लेने जा रहे हैं तो इन चार्जेस के बारे में पहले से जानकारी रखना बहुत जरूरी है। आप इन पर मोलभाव करके और सही रणनीति अपनाकर पैसे बचा सकते हैं।