Thursday, January 8

एजुकेशन लोन कैसे मिलता है: सही कॉलेज और दस्तावेज़ से पढ़ाई बिना रुके पूरी करें

 

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महंगी फीस की वजह से कई बार छात्र अपने मनपसंद कोर्स छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में एजुकेशन लोन एक बड़ी मदद साबित होता है। सही इंस्टिट्यूट का चुनाव, जरूरी दस्तावेज़, ब्याज दर, मोरिटोरियम पीरियड और टैक्स बेनिफिट को समझकर आप आसानी से लोन ले सकते हैं और अपनी पढ़ाई बिना रुके पूरी कर सकते हैं।

 

एजुकेशन लोन के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

 

अगर आप किसी इंजीनियरिंग, मेडिकल या मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन के लिए क्वॉलिफाई कर चुके हैं, तो आप एजुकेशन लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। बेहतर एकेडेमिक रिकॉर्ड होने पर लोन मिलने में आसानी होती है। आमतौर पर 7 से 30 दिनों में आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाती है। पहले सेमेस्टर की फीस जमा कर चुके स्टूडेंट्स भी इसे लोन में बदलवा सकते हैं।

 

लोन का मुख्य आवेदक छात्र होता है और को-एप्लिकेंट आमतौर पर माता-पिता या गार्जियन होते हैं। बैंक को को-एप्लिकेंट की आर्थिक स्थिति भी देखनी होती है। कई राज्यों और केंद्र सरकार की ओर से कुछ विशेष केटेगरी के स्टूडेंट्स को सब्सिडी भी मिलती है।

 

जरूरी दस्तावेज़

 

10वीं और 12वीं की मार्कशीट

छात्र और माता-पिता के KYC दस्तावेज़

छात्र की बैंक पासबुक

पहचान प्रमाण पत्र (पासपोर्ट/ड्राइविंग लाइसेंस/वोटर आईडी)

एंट्रेंस एग्जाम का रिज़ल्ट और संबंधित कोर्स का प्रूफ

इंस्टिट्यूट द्वारा जारी फीस और नियमावली का प्रूफ

छात्र और माता-पिता का आधार कार्ड

माता-पिता के पिछले तीन साल के आयकर रिटर्न

 

सही इंस्टिट्यूट का महत्व

 

एजुकेशन लोन के लिए ‘ग्रेड 1’ या टॉप इंस्टिट्यूट में एडमिशन होने पर बैंक बिना कोलैटरल, कम ब्याज दर और आसान शर्तों पर लोन देता है। उदाहरण के तौर पर SBI की ‘स्कॉलर लोन स्कीम’ में देश के 250 से अधिक टॉप संस्थान शामिल हैं।

 

AA कैटेगरी: IIM अहमदाबाद, बेंगलुरु, लखनऊ, कोझिकोड आदि

A कैटेगरी: IIT मुंबई, दिल्ली, मद्रास, खड़गपुर, AIIMS दिल्ली, AFMC पुणे, CMC वेल्लोर आदि

अन्य: BITS पिलानी, ISB हैदराबाद/मोहाली, प्रमुख NITs

 

कितनी राशि का लोन?

 

टॉप संस्थानों में छात्र 40 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का लोन बिना कोलैटरल ले सकते हैं। ब्याज दरें आमतौर पर 0.5% से 1% कम होती हैं। लोन में केवल ट्यूशन फीस ही नहीं, बल्कि हॉस्टल/मेस, किताबें, लैपटॉप, वैज्ञानिक उपकरण, लाइब्रेरी फीस, यात्रा व्यय और स्टडी टूर/प्रोजेक्ट वर्क के खर्च भी शामिल किए जा सकते हैं।

 

ब्याज दर

 

एजुकेशन लोन की ब्याज दरें बैंक और राशि के अनुसार अलग होती हैं। सामान्यतः 8% से 12% के बीच होती हैं। महिलाओं को कई बैंक अतिरिक्त 0.5% की रियायत भी देते हैं। उदाहरण के तौर पर:

 

SBI: 7.25% प्रति वर्ष से

ICICI बैंक: लगभग 11.27%

टाटा कैपिटल: 10.99% से

यूको बैंक: 7.50%

IDFC फर्स्ट बैंक: 9.99% प्रति वर्ष

 

मोरिटोरियम पीरियड

 

लोन की सबसे खास विशेषता है ‘मोरिटोरियम पीरियड’ यानी छात्र को लोन की EMI चुकाने से छुट्टी का समय। आमतौर पर यह कोर्स खत्म होने के 6 महीने से 1 साल बाद शुरू होता है। इस दौरान छात्र नौकरी खोजने और आर्थिक रूप से मजबूत होने का समय पाता है। EMI का भुगतान आमतौर पर 5 से 15 वर्षों में किया जा सकता है।

 

टैक्स बेनिफिट

 

आयकर अधिनियम की धारा 80E के तहत एजुकेशन लोन पर चुकाए गए ब्याज की पूरी राशि पर टैक्स कटौती का दावा किया जा सकता है।

 

निष्कर्ष:

सही इंस्टिट्यूट और लोन योजना का चयन कर आप बिना रुके अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। दस्तावेज़ों और नियमों की सही जानकारी होने से लोन प्रोसेस आसान और तेज़ हो जाता है।

 

 

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