
बिजनौर (7 जनवरी 2026) – उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे लगातार अत्याचारों को लेकर भारतीय सरकार से कड़ा कदम उठाने की मांग की।
प्रवीण तोगड़िया ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह से अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठवाया था, ठीक वैसे ही भारतीय सरकार को भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार करने वाले मोहम्मद युनुस को सेना भेजकर उठवाने की जरूरत है। उन्होंने इस कड़ी में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते हमलों को लेकर चिंता जाहिर की और कहा कि भारत की सेना ने 1971 में बांग्लादेश में जाकर अपने पराक्रम का परिचय दिया था, और अगर जरूरत पड़ी तो एक बार फिर हिंदुओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग
डॉ. तोगड़िया ने जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर भी अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि हिंदुओं की सुरक्षा के लिए इस कानून की सख्त आवश्यकता है। उनके अनुसार, अगर किसी परिवार के तीन से ज्यादा बच्चे होते हैं, तो उन्हें सरकारी स्कूलों में प्रवेश, सरकारी अस्पतालों में इलाज, सरकारी नौकरी, राशन और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलना चाहिए। इसके साथ ही ऐसे परिवारों के मतदान का अधिकार भी समाप्त कर दिया जाना चाहिए।
तोगड़िया ने दावा किया कि बिजनौर, रामपुर और सहारनपुर जैसे जिलों में हिंदुओं की आबादी लगातार घट रही है। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने ‘हिंदू ही आगे-सुरक्षित हिंदू’ अभियान शुरू किया है, जिससे वह हिंदू समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से उम्मीद
डॉ. तोगड़िया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपेक्षा जताई कि वे जनसंख्या नियंत्रण कानून पर जल्द कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ-साथ वहां के हिंदू समुदाय की चिंता भी है।
लव जिहाद पर प्रवीण तोगड़िया का हमला
प्रवीण तोगड़िया ने लव जिहाद को एक “सामाजिक कैंसर” करार दिया और कहा कि इसका इलाज डॉक्टरों से नहीं, बल्कि सख्त कानून और कार्रवाई से ही संभव है। उन्होंने लव जिहाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद जनसंख्या नियंत्रण के लिए एक कानून पर काम कर रही है, जिसमें दो से ज्यादा बच्चे होने पर कठोर दंडात्मक प्रावधान हों।
प्रस्तावित कानून की रूपरेखा
तोगड़िया ने इस प्रस्तावित कानून का भी जिक्र किया, जिसमें तीसरे बच्चे के जन्म के बाद उस परिवार को सरकारी राशन, स्कूल में प्रवेश, इलाज, बैंक से लोन, सरकारी नौकरी और मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं होगा।
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