Thursday, January 8

चमोली में बैंक मैनेजर ने फर्जी खाते खोलकर हड़पे 3.19 करोड़, मृतकों के नाम पर भी लिया लोन

 

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चमोली/देहरादून: उत्तराखंड के गोपेश्वर में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की एक शाखा के पूर्व प्रबंधक ने फर्जी खातों के माध्यम से 3 करोड़ 19 लाख रुपए का गबन किया। आरोपी ने न केवल ग्राहकों के आधार और फोन नंबर का दुरुपयोग किया, बल्कि मृतकों के नाम से भी लोन लिया। बैंक प्रबंधन द्वारा अब तक 40 ऐसे फर्जी खाते बंद कर दिए गए हैं।

 

घटना का खुलासा:

चमोली पुलिस के अनुसार, तिलफारा गांव की एक महिला जब स्वयं सहायता समूह से जुड़े अपने बैंक खाते के लिए शाखा आई, तो पता चला कि उसका पहले से ही खाता खुल चुका है और उस पर 32 लाख रुपए का लोन चल रहा है। महिला ने ऐसा कोई लोन लेने से इनकार किया। जांच में सामने आया कि 2022 से 2025 तक तैनात तत्कालीन प्रबंधक अनुराग पुंडीर ने यह लोन अपने और पिता के देहरादून स्थित खातों में हस्तांतरित किया।

 

फर्जीवाड़े का तरीका:

जांच में पता चला कि पूर्व प्रबंधक ने पांच ऐसे व्यक्तियों के नाम पर लोन की लिमिट बनाई, जिनमें सरकारी कर्मचारी नहीं थे। एक मृतक पुलिसकर्मी के नाम पर भी लोन जारी किया गया। इस दौरान फर्जी खातों में नियमित किस्त जमा होती रही, जिससे बैंक अधिकारियों को पता नहीं चला।

 

बैंक और पुलिस की कार्रवाई:

मौके पर तत्कालीन प्रबंधक को सस्पेंड कर देहरादून अटैच किया गया, लेकिन वह फरार है। गोपेश्वर थाना में 19 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, बेईमानी से संपत्ति हड़पने और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला दर्ज किया है।

 

पृष्ठभूमि:

अनुराग पुंडीर की गोपेश्वर शाखा में तैनाती 17 अगस्त 2022 से 5 जून 2025 तक रही। इस दौरान उसने फर्जी खातों के माध्यम से करोड़ों का गबन किया। जांच अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों के नाम पर खाता खोला गया, उन्हें इस मामले की जानकारी तक नहीं थी।

 

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