Thursday, January 8

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ ने दिखाई अनोखी ‘फ्लेहमेन प्रतिक्रिया’, बना रहा अलग अंदाज में मुंह

 

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उमरिया: विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व आए दिन किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहता है। अब रिजर्व से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बाघ सड़क किनारे खड़ा होकर अनोखे अंदाज में मुंह बना रहा है। इस वीडियो को देखने वाले लोग हैरान हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह फ्लेहमेन प्रतिक्रिया है।

 

फ्लेहमेन प्रतिक्रिया क्या है?

रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि यह प्रतिक्रिया सबसे पहले फ्रेडरिक रुइश (1732) और बाद में लुडविग जैकबसन (1813) द्वारा वर्णित की गई थी। इस प्रतिक्रिया में जानवर अपने ऊपरी होंठ को पीछे की ओर मोड़ते हैं, सामने के दांत और मसूड़े दिखाते हैं, फिर कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहते हैं। कभी-कभी जानवर इस दौरान स्थान को चाटते हैं या स्वाद और गंध की जांच करते हैं।

 

इस प्रतिक्रिया की वजह से ऐसा लग सकता है कि जानवर मुस्कुरा रहा है, घृणा दिखा रहा है या किसी भाव को व्यक्त कर रहा है, लेकिन विशेषज्ञ अभी भी विभिन्न प्रजातियों में भाव और व्यवहार के संबंध पर अध्ययन कर रहे हैं।

 

वोमेरोनैसल अंग की भूमिका

फ्लेहमेन प्रतिक्रिया में वोमेरोनैसल अंग (VNO) सक्रिय होता है, जो कई जानवरों में पाए जाने वाला सहायक घ्राण संवेदन अंग है। यह अंग कुछ गंधों और फेरोमोनों की अनुभूति में मदद करता है। बिल्लियों, घोड़ों और बाघ जैसे जानवरों में यह अंग विशेष रूप से विकसित होता है। VNO अस्थि या उपास्थि कैप्सूल के भीतर स्थित होता है और नामिता गटा के आधार में खुलता है।

 

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

बांधवगढ़ में यह प्रक्रिया बाघ में नजर आई और कैमरों में कैद होकर सोशल मीडिया में वायरल हो गई है। वन्यजीव प्रेमियों और दर्शकों के लिए यह दृश्य अद्भुत और आकर्षक अनुभव बन गया है।

 

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की यह झलक न केवल बाघ की अनोखी आदत को दर्शाती है, बल्कि वन्यजीव विज्ञान और जानवरों के व्यवहार पर अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण है।

 

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