Thursday, February 12

ON THIS DAY 2008: मंकीगेट कांड ने हिला दी थी क्रिकेट, BCCI को ऑस्ट्रेलिया भेजना पड़ा वकील

नई दिल्ली: क्रिकेट इतिहास में विवादों की कोई कमी नहीं रही, लेकिन 6 जनवरी 2008 का मंकीगेटकांड भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को हिला देने वाला साबित हुआ। सिडनी टेस्ट में भारत के ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्रयू सायमंड्स के बीच स्लेजिंग से शुरू हुआ विवाद इतनी गंभीरता तक पहुंचा कि भारतीय टीम बीच में ही टूर छोड़कर लौटने को तैयार हो गई थी। हालात इतने बिगड़े कि न्यूजीलैंड के जज से सुनवाई कराई गई और BCCI को एक सीनियर वकील ऑस्ट्रेलिया भेजना पड़ा।

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खराब अंपायरिंग ने भड़काया विवाद
सिडनी में न्यू ईयर टेस्ट मैच 2 जनवरी से शुरू हुआ। पहले दिन ऑस्ट्रेलिया की टीम 134 रन पर छह विकेट खो चुकी थी, लेकिन अंपायर स्टीव बकनर ने 7वां विकेट नहीं दिया। इसके कारण एंड्रयू सायमंड्स ने 162 रन की पारी खेली। कप्तान रिकी पोंटिंग के साथ मिलकर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को संकट से बाहर निकाला।

टीम इंडिया का जवाब
भारत ने जवाबी पारी में सचिन तेंदुलकर (154) और वीवीएस लक्ष्मण (109) की शानदार पारियों से टीम को मजबूती दी। हरभजन सिंह ने भी 60 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। हालांकि, स्लेजिंग के बीच सायमंड्स ने हरभजन को ‘मंकी’ कह दिया और मामला बिगड़ गया। अंपायर मार्क बेंसन ने मामला शांत किया, लेकिन विवाद बढ़ गया।

नस्लीय टिप्पणी का आरोप और सुनवाई
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने हरभजन के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी की शिकायत दर्ज कराई। मैच रेफरी माइक प्रॉक्टर ने सुनवाई की, जो आधी रात तक चली। 7 जनवरी को हरभजन को नस्लीय टिप्पणी से बरी किया गया, लेकिन अभद्र भाषा के आरोप में मैच फीस का 50% जुर्माना लगाया गया।

टीम इंडिया का रुख और ICC की प्रतिक्रिया
भारतीय टीम ने तीसरे टेस्ट के लिए कैनबरा जाने की बजाय घर लौटने की तैयारी शुरू कर दी। कप्तान अनिल कुंबले और सचिन तेंदुलकर ने साफ किया कि आरोप वापस न लिए जाने पर आगे नहीं खेलेंगे। ICC ने मामले को शांत करने के लिए अंपायर स्टीव बकनर को हटाकर बिली बोडेन और मैच रेफरी रंजन मदुगले को नियुक्त किया।

सायमंड्स पर असर और अंततः सफाई
इस विवाद ने एंड्रयू सायमंड्स के करियर को भी प्रभावित किया। मंकीगेट के 12 महीने बाद उनका टेस्ट करियर समाप्त हो गया। सायमंड्स ने बाद में माना कि विवाद ने उन्हें मानसिक रूप से इतना दबाव में डाल दिया कि वे शराब पीने लगे और उनका खेल प्रभावित हुआ।

यादगार पारी और जीत का जश्न
टीम इंडिया ने पर्थ टेस्ट में जीत दर्ज कर इतिहास रचा। मैच रेफरी ने दोनों कप्तानों कुंबले और पोंटिंग को मीडिया के सामने मिलवाया और विवाद को दिखावे के लिए सुलझाया। इस जीत का जश्न सिर्फ टेस्ट में नहीं, बल्कि मंकीगेट कांड में मिली सफलता का भी प्रतीक था।

 

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