Wednesday, January 7

राम मंदिर निर्माण के लिए सत्ता का मोह छोड़ा, CM योगी ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

 

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लखनऊ (रिपोर्ट: राहुल पराशर, संपादक: नवभारत टाइम्स) – उत्तर प्रदेश और पूरे देश में आज स्वर्गीय कल्याण सिंह की 94वीं जयंती मनाई जा रही है। प्रदेशवासियों और राजनीतिक नेतृत्व ने उन्हें याद किया और उनके योगदान को सराहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यपाल कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

राम मंदिर निर्माण को लेकर कल्याण सिंह ने सत्ता का मोह छोड़कर अपने कर्तव्य और प्रभु श्रीराम के प्रति निष्ठा दिखाई। 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद उनकी बहुमत वाली सरकार को हटा कर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने इस फैसले पर कोई आपत्ति नहीं जताई और कार सेवा रोकने के लिए बल प्रयोग के निर्देशों को मानने से इंकार कर दिया। इस दौरान अयोध्या में कार सेवा जारी रही और बाद में केंद्रीय सरकार ने राष्ट्रपति शासन लागू किया।

 

कल्याण सिंह ने हमेशा कहा कि राम के काम के लिए सत्ता का त्याग करना गौरव की बात है, और इस दृष्टिकोण ने उन्हें हिंदू समाज में एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक चेहरे के रूप में स्थापित किया। उनके निर्णय और दृढ़ निश्चय ने उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

सीएम योगी ने किया स्मरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के पहले भाजपा मुख्यमंत्री थे। उन्होंने 1991 में सत्ता संभाली, तब प्रदेश अव्यवस्था और अराजकता से जूझ रहा था। उन्होंने सुशासन, विकास और राष्ट्रवाद के मिशन को आगे बढ़ाया और जनता के बीच विश्वास स्थापित किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा, “जब राम जन्मभूमि आंदोलन अपने चरम पर था, तब कल्याण सिंह ने अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के प्रति निष्ठा दिखाते हुए सत्ता का त्याग करने में भी संकोच नहीं किया। उनकी सरकार भले चली गई, लेकिन रामलला के प्रति कर्तव्य का निर्वहन उन्होंने पूरी दृढ़ता से किया।”

 

जयंती समारोह और मौजूद लोग

जयंती समारोह में स्वर्गीय कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह, भाजपा पूर्व अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, सांसद सतीश गौतम, मुकेश राजपूत, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी सहित कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने ‘बाबू जी’ के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

कल्याण सिंह का संक्षिप्त जीवन परिचय

कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को अलीगढ़ में हुआ था। वे लोधी समाज के प्रमुख नेता रहे। उन्होंने दो बार उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली – 1991 और 1997 में। बाबरी विध्वंस के बाद 1992 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1999 में भाजपा छोड़ने के बाद 2005 में वापसी की और इसके बाद उन्हें राजस्थान और हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया।

 

उनकी जीवनगाथा सत्ता, निष्ठा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक रही है, और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

 

 

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