Wednesday, January 7

JDU के बाहुबली विधायक धूमल सिंह ने उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के ‘सावधान’ दावे को ठेंगा दिखाया, पटना में जमीन कब्जा मामले में हंगामा

पटना (रिपोर्ट: रमाकांत चंदन, संपादक: सुधेंद्र प्रताप सिंह) – सत्ताधारी दल जदयू के बाहुबली विधायक मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला राजधानी पटना के नेपाली नगर (महावीर कॉलोनी, रोड नंबर-6) का है, जहां आरोप है कि धूमल सिंह और उनके शागिर्दों ने रात का फायदा उठाकर एक निजी जमीन की चारदीवारी तोड़कर कब्जा किया।

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यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार चेतावनी दे रहे थे कि भू-माफिया सावधान हो जाएं और अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन जदयू विधायक की इस हरकत ने सरकार की चेतावनी को चुनौती दे दी है।

 

पिछला मामला भी था गंभीर

धूमल सिंह पर भूमि कब्जा के आरोप कोई नया नहीं हैं। अक्टूबर 2014 में भी उनके खिलाफ 37 एकड़ सरकारी जमीन कब्जा करने का मामला दर्ज हुआ था। उस समय उनके खिलाफ बिहार हाउसिंग फेडरेशन की ओर से केस दर्ज कराया गया था। इस मामले में जदयू विधायक प्रदीप महतो समेत 40 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था।

 

कौन हैं धूमल सिंह?

धूमल सिंह 1970 के दशक में अपराध जगत में सक्रिय थे और पुलिस फाइल में मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में उनका नाम दर्ज है। उनका पूरा नाम मनोरंजन सिंह है, लेकिन अपराध और राजनीति की दुनिया में वे धूमल सिंह के नाम से जाने जाते हैं। बिहार, यूपी, दिल्ली, मुंबई और झारखंड में उनके कई अपराधी कारनामे दर्ज हैं।

 

राजनीतिक सफर

धूमल सिंह ने सारण की राजनीति में 2000 में कदम रखा। बनियापुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने 2005 में लोजपा और उसी साल नवंबर में जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद उन्होंने अपना क्षेत्र बदलकर एकमा से चुनाव लड़ा।

 

वर्ष 2010 में उन्होंने RJD के कामेश्वर कुमार सिंह को 29,201 वोटों के अंतर से हराया। 2014 में महाराजगंज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा लेकिन हार का सामना करना पड़ा। 2015 में एकमा से बीजेपी के कामेश्वर कुमार सिंह को हराकर विधायक बने। 2025 में जदयू ने उन्हें फिर एकमा विधानसभा सीट से टिकट दिया और वे वर्तमान में विधायक हैं।

 

धूमल सिंह की इस हरकत से यह साफ हो गया है कि पटना में भू-माफिया और बाहुबली नेताओं की पकड़ कितनी मजबूत है, और उप-मुख्यमंत्री के अल्टीमेटम के बावजूद सत्ता का डर उनके लिए कोई बाधा नहीं बन पा रहा है।

 

 

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