
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और उप-कप्तान रहे शुभमन गिल को टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर करने के फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। अचानक लिए गए इस निर्णय पर पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने चयनकर्ताओं की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
गिल ने हाल ही में एशिया कप में टी20 टीम में वापसी की थी और उन्हें उप-कप्तान की जिम्मेदारी भी मिली थी। उन्होंने 15 मैचों में 291 रन बनाए, लेकिन उनका 137.26 का स्ट्राइक रेट और एक भी अर्धशतक न लगा पाना चयनकर्ताओं के लिए चिंता का विषय बना। इसके बाद टीम से उनका अचानक बाहर होना कई विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों को चौंकाने वाला लगा।
योगराज सिंह ने जताई नाराजगी
पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने एक यूट्यूब शो में कहा,
“सिर्फ 4-5 पारियों में फेल होने की वजह से किसी उप-कप्तान को बाहर करना समझ से परे है। भारतीय क्रिकेट में ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने कम मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया, फिर भी उन्हें मौके मिले।”
योगराज ने युवा खिलाड़ी अभिषेक शर्मा का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि चयनकर्ता बिना सोचे-समझे ऐसे फैसले न लें। उन्होंने कपिल देव का उदाहरण भी दिया, जब बिशेन सिंह बेदी ने मुश्किल समय में कपिल देव पर भरोसा किया और उन्हें इंग्लैंड दौरे पर टीम में शामिल किया।
खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और टीम स्थिरता पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक फैसले खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और टीम की स्थिरता को चोट पहुंचा सकते हैं। शुभमन गिल जैसे उभरते सितारे का बाहर होना उनके मनोबल पर नकारात्मक असर डाल सकता है। योगराज सिंह जैसे जानकार यह कहते हैं कि चयन में केवल ताज़ा फॉर्म के बजाय खिलाड़ी के अनुभव, टीम में भूमिका और नेतृत्व क्षमता को भी महत्व दिया जाना चाहिए।