
नई दिल्ली: भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना, जिसे आम भाषा में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट कहा जाता है, ने शुक्रवार को एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया। महाराष्ट्र के पालघर जिले में माउंटेन टनल-5 (MT5) की खुदाई सफलतापूर्वक पूरी हो गई। यह सुरंग इस प्रोजेक्ट की सात पहाड़ी सुरंगों में से सबसे लंबी और पहली पूरी होने वाली सुरंग है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने टेलीप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी देते हुए कहा कि इस सुरंग की लंबाई 1.48 किलोमीटर है, जबकि बोर किया गया हिस्सा 1.39 किलोमीटर लंबा है।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की मुख्य बातें
कुल लंबाई: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है।
राज्यों का वितरण: 352 किलोमीटर गुजरात और दादरा नागर हवेली में, 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में।
सुरंगें: कॉरिडोर में कुल 27.4 किलोमीटर सुरंगें होंगी, जिनमें 21 किलोमीटर भूमिगत और 6.4 किलोमीटर सतह पर बनी होंगी।
पहाड़ी सुरंगें: कुल 8 पहाड़ी सुरंगें, महाराष्ट्र में 7 और गुजरात में 1।
स्टेशन: 12 स्टेशन, जिनमें प्रमुख स्टेशन हैं – मुंबई (BKC), ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती।
डिपो: आम प्रोजेक्ट में दो डिपो होते हैं, लेकिन इस प्रोजेक्ट में तीन डिपो बनाए जा रहे हैं।
यात्रा का समय घटेगा
जब बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होगी, तो मुंबई से अहमदाबाद की यात्रा मात्र दो घंटे में पूरी हो सकेगी। ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटे होगी।
रेल मंत्री वैष्णव के अनुसार यह परियोजना भारत के परिवहन क्षेत्र में एक नया युग लेकर आएगी और यात्रियों के लिए सफर को आसान और सुविधाजनक बनाएगी।