Friday, January 2

पाकिस्तानी हर चाल होगी नाकाम, प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर मोदी सरकार ने तैयार किया नया प्लान

 

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भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। इस अभियान से मिले अनुभव और सबक 2026 में राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों की दिशा तय करेंगे।

 

सोची-समझी साजिश का खुलासा

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिला दिया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हमला पाकिस्तान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी असीम मुनीर की योजना का हिस्सा था, जिसने व्यक्तिगत लाभ के लिए इस हमले का फायदा उठाया और प्रमोशन पाकर फील्ड मार्शल बन गया।

 

भारत की स्ट्राइक क्षमता

ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि भारत पाकिस्तान के आतंकी ढांचों पर प्रभावी और बार-बार कार्रवाई कर सकता है। परमाणु शक्ति के बावजूद पाकिस्तान अब अपनी जमीन पर सुरक्षित नहीं है। इस अभियान ने यह भी दिखाया कि भारत सीधे पड़ोसी के सैन्य केंद्रों को निशाना बना सकता है, जबकि पाकिस्तान की गीदड़भभकी और प्रचार युद्ध उसे कोई फायदा नहीं पहुंचा पाएंगे।

 

इलेक्ट्रॉनिक और स्वदेशी युद्धक क्षमता

ब्रह्मोस, स्कैल्प और S-400 मिसाइल सिस्टम ने ऑपरेशन में अपनी ताकत दिखाई। ड्रोन जैमिंग और स्पूफिंग जैसी चुनौतियों ने भारत की इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमता को और मजबूत किया। इस अभियान में भारतीय रक्षा कंपनियों ने मोर्चे से रियल-टाइम तकनीकी सहायता देकर अपनी भूमिका साबित की।

 

सेना-उद्योग तालमेल और जवाबदेही

रक्षा मंत्रालय पिछले चार वर्षों से उद्योग और सेना के बीच साझेदारी बढ़ाने पर काम कर रहा है। अब देश की रक्षा उद्योग को समय पर और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। देरी या गलती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और नाकाम रहने वाले उद्योग को साइडलाइन किया जा सकता है।

 

नतीजे और आगे की तैयारी

2025 में किए गए सुधार और रणनीतिक बदलावों के आधार पर 2026 में भारत की रक्षा क्षमताओं का और सशक्त होना तय है। देश की सीमाओं की सुरक्षा अब और तेज, आधुनिक और प्रभावी रणनीतियों पर आधारित होगी।

 

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