Thursday, May 14

This slideshow requires JavaScript.

बीजेपी की नाक का सवाल: पश्चिम बंगाल पर अमित शाह ने संभाली कमान

 

This slideshow requires JavaScript.

 

नए साल की शुरुआत बीजेपी के लिए कई मायनों में निर्णायक साबित होने वाली है। देश के दक्षिणी राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने, पश्चिम बंगाल और असम में चुनाव जीतने और केंद्र में NDA सहयोगियों को संतुलित रखने की चुनौती पार्टी के सामने है।

 

दिल्ली विधानसभा चुनाव में 27 साल बाद मिली जीत और बिहार में NDA की मजबूत वापसी के बाद साल 2025 बीजेपी के लिए बेहद सफल रहा। अब 2026 में पार्टी की नजरें दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर पर हैं।

 

मिशन साउथ की चुनौती

तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव होने हैं। खासतौर पर पश्चिम बंगाल में बीजेपी के लिए यह “नाक और साख” का सवाल है। पिछले चुनाव में उम्मीदों पर खरा न उतर पाने के बाद इस बार सीधे गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी कमान संभाली है। बांग्लादेश से जुड़े घुसपैठ और स्थानीय राजनीतिक मुद्दे यहां चुनावी मैदान को गर्माएंगे।

 

साथियों को एकजुट रखना जरूरी

केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार है, लेकिन इस बार BJP का अपना बहुमत नहीं है। छोटे सहयोगी दल राज्यसभा सीटों की मांग को लेकर असंतुष्ट हैं। ऐसे में गठबंधन को मजबूती से जोड़कर रखना BJP के लिए बड़ी चुनौती होगी।

 

जनरेशनल शिफ्ट और नए मुद्दे

पार्टी ने हाल ही में 45 वर्षीय नितिन नवीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर नई पीढ़ी को संगठन में मौका देने का संकेत दिया है। अब सवाल यह है कि पुराने नेताओं और नए युवाओं के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा।

 

इसके साथ ही बीजेपी को नए मुद्दों की तलाश है, जो विशेष रूप से युवा और Gen Z को जोड़ सकें। विपक्ष से उठाए गए सवालों जैसे “मोदी नहीं तो कौन?” का जवाब भी पार्टी को तैयार करना होगा।

 

साल 2026 बीजेपी के लिए नई चुनौतियों और अवसरों से भरा है, और अमित शाह की कमान इस मिशन को सफल बनाने की कुंजी साबित हो सकती है।

 

 

Leave a Reply